– बलुआही में सड़क पर प्रतिदिन लाखों रुपये का किया जाता है गिट्टी व बालू का कारोबार
-राहगीरों को आवागमन में होती है परेशानी, डर से नहीं बोलते हैं राहगीरखगड़िया. शहर के बलुआही बस स्टैंड के समीप एनएच 31 पर वाहन रोककर चालक सवारियों को उतारते व चढ़ाते हैं. इससे न केवल भारी ट्रैफिक जाम लगता है, बल्कि यात्रियों की जान जोखिम में पड़ जाती है. ऐसी स्थिति में कभी भी एनएच 31 पर सड़क दुर्घटनाएं हो सकती है. ट्रैफिक पुलिस इस मामले में अनभिज्ञ हैं. बलुआही बस स्टैंड से प्रतिदिन सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन खुलते हैं. जिसमें अधिकांश बस, ऑटो, सवारी गाड़ी, ई-रिक्सा एनएच 31 पर वाहन रोककर सवारी को उतारते व चढ़ाते हैं. बस स्टैंड से भागलपुर, कटिहार, सहरसा, पूर्णिया, किशनगंज तथा बेगूसराय, मुंगेर, पटना की ओर बस जाते हैं. जबकि ऑटो मानसी, महेशखूंट, गोगरी, परबत्ता, चौथम, बेलदौर, सहरसा की तरफ जाते हैं. इसके अलावे ऑटो-सवारी गाड़ी मुंगेर, साहेबपुर कमाल, लखमिनिया, बेगूसराय सवार को लेकर आते जाते हैं. वहीं ई-रिक्शा शहर के दस किलोमीटर की परिधि में सवारी को ढ़ोते हैं. प्रतिदिन हजारों सवारी बस स्टैंड से गंतव्य स्थान आते जाते हैं. उक्त सभी गाड़ियों एनएच 31 पर ही वाहन खड़ी करती है. बताया जाता है कि बस स्टैण्ड से महेशखूंट की ओर एवं बेगूसराय की ओर जाने वाले वाहनों के खुलने का समय जैसे ही होता है. वाहन चालक अपने-अपने वाहनों को एनएच 31 किनारे व बीच सड़क पर खड़ा कर देते हैं. यात्रियों को बैठाना शुरु कर देते हैं. प्रतिदिन यही स्थिति रहती है. इसे देखने वाला कोई नहीं है.
बुजुर्ग, बच्चे व महिलाओं को वाहन पर बैठने पर दुर्घटना का बना रहता है डर
बलुआही बस स्टैंड के समीप एनएच 31 पर बीच सड़क पर वाहन चालक गाड़ी को खड़ा कर दिया जाता है. जिसके कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. व्यस्त एनएच 31 पार करने में यात्रियों को डर बना रहता है. यात्रियों को दुर्घटना की भी संभावना बनी रहती है. एनएच 31 पर निर्वाध रूप से वाहनों की आवाजाही होती है. हमेशा रन थ्रू वाहनों की आवाजाही होती है. इसमें मुख्य रूप से भारी वाहन व लग्जरी वाहनों की आवाजाही लगी रहती है. हालांकि कई बार बुलआही बस स्टैंड में घटनाएं भी हो चुकी है. लेकिन अब तक किसी ने भी इसको रोकने के लिए प्रयास नहीं किया गया है.
