क्या एक सरकारी नौकरी करने वाला अफसर अपनी वैध कमाई से करोड़ों रुपये का मालिक बन सकता है? बिहार के खगड़िया से भ्रष्टाचार के खिलाफ एक ऐसी ही बड़ी कार्रवाई सामने आई है, जिसने पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया है. शुक्रवार को जब विजिलेंस की टीम ने एक रसूखदार सरकारी साहब के ठिकानों पर एक साथ दस्तक दी, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारियों की आंखें भी फटी की फटी रह गईं. भ्रष्टाचार के इस बड़े खेल का पर्दाफाश होने के बाद अब पूरे सूबे के भ्रष्ट अफसरों के पसीने छूट रहे हैं.
गुपचुप तरीके से तैयार हुआ था 'शिकारी' का जाल
यह पूरी सनसनीखेज कार्रवाई खगड़िया के जिला पथ प्रमंडल विभाग के कार्यपालक अभियंता ई. संजय कुमार के खिलाफ की गई है. निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम पिछले काफी समय से इन साहब की गोपनीय जांच कर रही थी. जब जांच में यह साफ हो गया कि साहब ने अपनी तय कमाई से कई गुना ज्यादा संपत्ति बटोरी है, तो निगरानी थाने में आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया. कांड संख्या 68/26 के तहत दर्ज इस मामले में कार्यपालक अभियंता पर एक करोड़ एक लाख रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित करने का गंभीर आरोप है. इसी के बाद विशेष न्यायालय निगरानी पटना से सर्च वारंट हासिल कर छापेमारी का यह महा-ऑपरेशन शुरू किया गया.
पटना से बिहारशरीफ तक एक साथ गूंज उठा सायरन
निगरानी ब्यूरो के डीएसपी शशि शेखर चौधरी के नेतृत्व में छह सदस्यीय विशेष टीम ने इस छापेमारी को अंजाम दिया. कार्रवाई को इतना गोपनीय रखा गया था कि किसी को कानों-कान खबर तक नहीं हुई. टीम ने कार्यपालक अभियंता के एक या दो नहीं, बल्कि तीन ठिकानों पर एक साथ धावा बोला. इसमें खगड़िया स्थित उनके कार्यालय और आवास के अलावा पटना और बिहारशरीफ के गुप्त ठिकाने भी शामिल थे. इस ताबड़तोड़ तलाशी के दौरान साहब के घर से 81 हजार रुपये की नकदी बरामद की गई है. साथ ही बड़ी मात्रा में जमीन-जायदाद के कागजात और बैंक खातों से जुड़े अहम सबूत हाथ लगे हैं.
दफ्तर में मची खलबली, घंटों खंगाली गईं गोपनीय फाइलें
जैसे ही निगरानी की टीम खगड़िया कार्यालय पहुंची, वहां काम कर रहे अन्य कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच हड़कंप मच गया. निगरानी के अधिकारियों ने तुरंत पूरे परिसर को अपने घेरे में ले लिया और लगातार चार घंटों तक दफ्तर की एक-एक फाइल और गोपनीय दस्तावेजों को खंगाला. विभाग के बाहर उत्सुक लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई थी जो यह जानने को बेताब थे कि अंदर क्या चल रहा है. फिलहाल विजिलेंस की टीम बरामद किए गए दस्तावेजों और साक्ष्यों की बारीकी से जांच कर रही है, जिसके बाद साहब की मुश्किलें और ज्यादा बढ़नी तय मानी जा रही हैं.
