बेलदौर. सत्संग में सिखाये जाते ही ईश्वर प्राप्ति के नवधा भक्ति के गुर, इसके श्रवण करने से ही मनुष्य को मिलती हैं मोक्ष के सुखम मार्ग, सत्संग जीवन जीने की कला को सिखाती है समाज में शांति आती है और सौहार्द बढ़ता है. उक्त बातें संतमत सत्संग कुप्पाघाट के संत प्रमोद बाबा ने आदर्श इंटर विद्यालय पिरनगरा खेल मैदान में आयोजित जिला संतमत सत्संग के 41 वे वार्षिक अधिवेशन के दूसरे दिन गुरुवार को सत्संग समापन के दौरान कही. इन्होंने जीवन में सुख शांति के लिए सुगम मार्ग का गुर सिखाते बताया कि मानव तनधारियों को परमात्मा की भक्ति करनी चाहिए. प्रथम भक्ति संतो के संगति करने से मिलती है अच्छे सद्गुरु से ज्ञान भक्ति, दीक्षा लेकर ईश्वर भक्ति करें ईश्वर भक्ति से पाप दुख मिट जाती है. वही मनुष्य आदमी आवागमन के चक्र से बच जाता है, वहीं इन्होंने नवधा भक्ति की महत्ता से अवगत कराते प्रसंग के माध्यम से बताया कि माता शबरी ने प्रेम विश्वास से ईश्वर की भक्ति की तो वह मोक्ष धाम प्राप्त कर ली. इन्होंने बताया कि मान सम्मान, अहंकार छोड़कर गुरु की सेवा करे सच्चे गुरु ही मनुष्य को परमात्मा ईश्वर की यात्रा पर ले जाता है. गुरु की सेवा निश्चय भाव से करें वही अपने अंतःकरण को शुद्ध एवं पवित्र करके गुरु की स्तुति विनती करें सदाचार का पालन करें पांच पापों को त्याग करें संध्या भजन एवं स्तुति विनती करें जिससे आपकी आत्मा पवित्र हो जाएगी ऐसा करने से दहिक देवी पापों से मुक्त हो जाएंगे. इस दौरान स्वामी शरवानंद बाबा, अरविंद बाबा रामशरण बाबा, बनारसी बाबा डा निर्मल बाबा, जयकुमार बाबा परमानंद बाबा ने भी सत्संग को संबोधित किया. वही सत्संग को सफल बनाने में मुखिया मंजू देवी, पूर्व पंसस अरुण कुमार यादव, शिक्षक नेता ब्रजेश कुमार ,पंसस निभा देवी समेत ग्रामीणों अहम भूमिका निभाया. मौके पर जिप अध्यक्ष कृष्णा कुमारी यादव , मुखिया मंजू देवी ,पंसस निभा देवी, रंजो देवी, सरपंच गजेन्द्र राम शिक्षक नेता ब्रजेश कुमार, विद्यांंद दास, उमेश बाबा, विजय बाबा, संगम कुमार, भूषण कुमार शिक्षक, नपं बेलदौर चेयरमैन ममता कुमारी समेत दर्जनों सत्संग प्रेमी मौजूद थे.
सत्संग से ही मोक्ष प्राप्ति के मिलते हैं मार्ग, नवधा भक्ति ही ईश्वर प्राप्ति का एक मात्र साधन - संत प्रमोद
इन्होंने जीवन में सुख शांति के लिए सुगम मार्ग का गुर सिखाते बताया कि मानव तनधारियों को परमात्मा की भक्ति करनी चाहिए
