गोगरी. दुर्गा पूजा समाप्त होते ही बाजारों में सन्नाटा छा गया था, लेकिन सुहागिनों द्वारा अपने पति की लंबी उम्र को लेकर किये जाने वाले व्रत करवा चौथ को लेकर बाजारों में फिर से चहल-पहल बढ़ने लगी है. खासकर पूजन सामग्री की दुकान बाजार में सज गयी है. लोग पहले से ही इसकी खरीदारी में जुट गये हैं. आगामी 20 अक्तूबर को करवा चौथ का व्रत रखा जायेगा. इस दिन सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए निर्जला उपवास रखती हैं, जिसका पारण चांद निकलने पर किया जाता है. करवा व्रत की शुरूआत हमेशा सरगी खाने से की जाती है, जो सूर्योदय से लगभग दो घंटे पहले तक खायी जाती है. इस दौरान करवा माता और भगवान गणेश व चंद्रमा की विधिनुसार पूजा की जाती है. पंडित मदन मोहन झा ने बताया कि इस साल करवा चौथ पर भद्रा का साया बना हुआ है. लेकिन यह भद्रा दिन में केवल 21 मिनट के लिए लग रही है. उन्होंने बताया कि कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि का आरंभ 20 अक्टूबर को सुबह 6:46 बजे होगा. जबकि इसका समापन 21 अक्टूबर को सुबह 4:16 बजे होगा. पूजा का समय
करवा चौथ के दिन पूजा के लिए शुभ मुहूर्त 20 अक्तूबर की शाम 5:46 बजे से शुरू होगा. ये मुहूर्त शाम 7: 02 मिनट तक रहने वाला है. इस वर्ष करवा चौथ पर चांद निकलने का समय शाम 7 बजकर 44 मिनट का है. ऐसे में आप 7 बजकर 53 मिनट के बाद से व्रत का पारण और चंद्रमा की पूजा कर सकते हैं.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
