परियागी गांव से एक ही परिवार के तीन लोगों की उठी अर्थी, रो पड़ा गांव-नहीं जला चूल्हा चौका

परियागी गांव निवासी आनंदी यादव की पत्नी अहिल्या देवी की सुबह में मौत हो गयी.

बड़ी मां की दाह संस्कार में मुंगेर गंगा घाट जा रहे दो भाईयों की गयी जानखगड़िया. गोगरी प्रखंड के पौड़ा थाना क्षेत्र के परियागी गांव में गुरूवार को एक ऐसी घटना घटी, जिससे हर किसी की आंखें नम कर दीं. घर का आंगन सन्नाटे में डूब गया. सुबह में बड़ी मां की मौत हो गयी. दोपहर में दाह संस्कार के लिए जा रहे दो भाईयों की सड़क हादसे में मौत हो गयी. एक ही दिन एक ही साथ आंगन से तीन अर्थी उठी, अर्थी उठते ही पूरा गांव रो-पड़ा. गांव में चूल्हा-चौका नहीं जला. हर लोगों की चेहरे पर मायूसी व गम का माहौल था. मालूम हो कि परियागी गांव निवासी आनंदी यादव की पत्नी अहिल्या देवी की सुबह में मौत हो गयी. उसी के दाह संस्कार में दर्जनों लोग बस पर सवार होकर मुंगेर गंगा घाट जा रहे थे. दाह संस्कार में रणवीर व जवाहर यादव भी शामिल था. लेकिन, रणवीर व जवाहर यादव बाइक से जा रहे थे. इसी दौरान मानसी में अनियंत्रित ट्रक ने बाइक सवार को रौंद दिया. घटना स्थल पर ही मौत हो गयी. दाह संस्कार में शामिल बस में सवार होकर पीछे आ रही लोगों ने सड़क पर पड़े शव की देखकर पहचान किया. शव की पहचान करते ही दाह संस्कार में शामिल लोगों की बीच अफरा-तफरी का माहौल मच गया. मृतक के परिजनों के बीच चीख पुकार मच गया.

एनएच 31 पर शव रखकर तीन घंटे तक किया सड़क जाम

मानसी थाना क्षेत्र के ठाठा गांव के समीप एनएच 31 पर अनियंत्रित ट्रक ने बाइक सवार को रौंद दिया. बाइक सवार दो भाईयों की मौके पर ही मौत हो गयी. मृतक के परिजनों ने एनएच 31 पर शव रखकर मुआवजे की मांग को लेकर तीन घंटे तक सड़क जाम कर दिया. सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गयी. जाम में फंसे लोग पैदल ही जा रहे थे. वहीं बाइक से जाने वाले लोग गांव के रास्ते गंतव्य स्थान जा रहे थे. सड़क जाम कर रहे आक्रोशित परिजनों ने डीएम और एसपी को बुलाने व मृतक के आश्रितों का तत्काल मुआवजा देने की मांग कर रहे थे. साथ ही घटना में शामिल ट्रक चालक व मालिक की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे. सड़क जाम की सूचना मिलते ही मानसी पुलिस मौके पर पहुंचकर मृतक के परिजनों को समझाने का प्रयास किया. लेकिन, सभी लोग डीएम व एसपी को घटनास्थल पर बुलाने की मांग में अडिग रहा. लेकिन, जनप्रतिनिधि व पुलिस पदाधिकारी के काफी समझाने के बाद सड़क जाम को हटाया. जिसके बाद आवागमन बहाल हो सका.

घर का बुझ गया चिराग, परिजनों के चीत्कार से मचा कोहराम

सड़क हादसे में 35 वर्षीय रणवीर यादव की मौत हो गयी. मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. परिजनों के चीत्कार से गांव का माहौल गमगीन हो गया. रणवीर यादव गांव में कोचिंग पढ़ाकर परिवार का भरण पोषण करता था. साथ ही घर के काम में हाथ बढ़ाता था. रणवीर को दो साल पहले ही शादी हुयी थी. उसके एक पुत्री भी है. रणवीर की मौत से बेटी के लालन-पालन का चिंता सताने लगी. पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है. पत्नी बार-बार पति का शव देखकर दहाड़ मार रही थी. बार बार चिता से उठ जाने की जिद्द कर रही थी. वहीं बेटी बार बार मां व पिता का शव देख रो-रो रही थी. मृतक के माता-पिता का भी रो-रोकर बुरा हाल हो रहा था. स्थानीय लोगों द्वारा पिता को ढ़ाढ़स दिया जा रहा था. मौके पर मुखिया प्रतिनिधि सुशील बिहारी, युवा शक्ति के राजेश यादव सहित दर्जनों लोग अस्पताल पहुंचे थे.

कहते हैं थानाध्यक्ष

थाना अध्यक्ष दीपक कुमार ने बताया कि घटना स्थल पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन कर रहे परिजनों को समझा बूझकर जाम को हटाया गया. दोनों शव का पोस्टमार्टम कराने की प्रक्रिया में जुटे हुए हैं. मामले की जांच की जा रही है.

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By RAJKISHORE SINGH

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