Khagaria News: खगड़िया जिले के बेलदौर प्रखंड मुख्यालय स्थित अनुमंडल स्तरीय बुनियाद केंद्र की व्यवस्था सवालों के घेरे में है. सरकार ने जिस केंद्र की स्थापना गरीब, बुजुर्ग और दिव्यांग लोगों को स्वास्थ्य एवं पुनर्वास सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए की थी, वहां अब मरीजों को इलाज तक नसीब नहीं हो रहा है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि केंद्र में लंबे समय से नियमित चिकित्सक उपलब्ध नहीं हैं. इतना ही नहीं, केंद्र के प्रबंधक भी कई दिनों से बिना सूचना के अनुपस्थित हैं. इसका सीधा असर उन जरूरतमंद लोगों पर पड़ रहा है, जो इलाज और पुनर्वास सेवाओं की उम्मीद लेकर यहां पहुंचते हैं.
ग्रामीणों का कहना है कि केंद्र में पहुंचने वाले कई मरीजों को बिना इलाज और जरूरी सेवाएं प्राप्त किए ही वापस लौटना पड़ रहा है. इससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है और सरकारी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं.
नियमित डॉक्टर नहीं होने से बढ़ी परेशानी
स्थानीय लोगों के अनुसार, बुनियाद केंद्र में लंबे समय से नियमित चिकित्सक की तैनाती नहीं है. ऐसे में दूर-दराज के गांवों से आने वाले मरीजों को घंटों इंतजार करने के बाद भी इलाज नहीं मिल पाता.
सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों, दिव्यांगों और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को उठानी पड़ रही है. कई मरीजों को मजबूरी में निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है.
प्रबंधक के भी कई दिनों से अनुपस्थित रहने का आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि केंद्र के प्रबंधक अनीक कुमार भी पिछले कई दिनों से बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित हैं. उनका कहना है कि जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की गैरमौजूदगी के कारण पूरे केंद्र का संचालन प्रभावित हो गया है.
हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित अधिकारियों या प्रबंधक की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
लाखों रुपये के उपकरण हो रहे बेकार
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार ने केंद्र में लाखों रुपये की लागत से आधुनिक चिकित्सा उपकरण और पुनर्वास से जुड़ी सामग्री उपलब्ध कराई थी. लेकिन नियमित उपयोग और रखरखाव के अभाव में अधिकांश उपकरण धूल फांक रहे हैं और उन पर जंग लगने लगी है.
यदि समय रहते इन उपकरणों का उपयोग और रखरखाव नहीं किया गया तो सरकारी संसाधनों के खराब होने की आशंका बढ़ सकती है.
लोगों ने उठाए प्रशासनिक जवाबदेही के सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब केंद्र पर चिकित्सक और जिम्मेदार अधिकारी ही उपलब्ध नहीं होंगे, तो सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों तक कैसे पहुंचेगा.
ग्रामीणों का मानना है कि स्वास्थ्य और पुनर्वास जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं का प्रभावित होना सीधे तौर पर गरीब और दिव्यांग लोगों की जिंदगी पर असर डाल रहा है.
Khagaria News: जांच और कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने विभाग के वरीय अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. साथ ही बिना सूचना अनुपस्थित रहने वाले कर्मियों पर कार्रवाई करने और बुनियाद केंद्र में नियमित चिकित्सक तथा आवश्यक कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित करने की अपील की है.
फिलहाल, स्थानीय लोगों के आरोपों के आधार पर यह मामला सामने आया है. संबंधित विभाग की ओर से जांच या कार्रवाई को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है. जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
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