खगड़िया.
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने युवा शोधकर्ता आशुतोष को सम्मानित किया है. परबत्ता प्रखंड के कर्ना गांव निवासी पूर्व वायु सैनिक सह सिविल कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता रामविलास सिंह व शिक्षिका ललिता देवी के पुत्र आशुतोष कुमार सिंह हैं. आशुतोष पैतृक घर व चंद्रनगर स्थित ननिहाल में रहकर आशुतोष कुमार सिंह ने एक महत्वपूर्ण शोध कार्य के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनायी है. उनकी इस उपलब्धि से पूरे जिले और बिहार का गौरव बढ़ा है. बताया जाता है कि बीते 5 जून 2026 को राजस्थान की राजधानी जयपुर में आयोजित राजस्थान ग्रीन इनोवेशन चैलेंज-2026 में आशुतोष कुमार सिंह और उनकी टीम को प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया. यह सम्मान राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा प्रदान किया गया. यह शोध गंदे और प्रदूषित पानी को साफ करने की नई सौर ऊर्जा आधारित तकनीक पर आधारित है. इस तकनीक में पानी की सतह पर तैरने वाली विशेष सामग्री का उपयोग किया जाता है, जो सूर्य के प्रकाश की मदद से पानी में मौजूद हानिकारक रसायनों, रंगों, जीवाणुओं तथा अन्य प्रदूषकों को नष्ट करने में सक्षम है. यह शोध कार्य राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) राउरकेला में प्रोफेसर शुभंकर पाल के मार्गदर्शन में किया गया. टीम में आशुतोष कुमार सिंह के अलावे पश्चिम बंगाल के अमित श्यामल तथा ओडिशा के तरिणी आशीष साहू शामिल थे.फरकिया के युवा ने प्रतिभा और मेहनत के बल पर राष्ट्रीय स्तर पर बनायी पहचान
बताया जाता है कि यह तकनीक भविष्य में उद्योगों से निकलने वाले गंदे पानी को कम लागत में साफ करने में उपयोगी साबित हो सकती है. इससे नदियों, तालाबों और भूजल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने में मदद मिलेगी. साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ जल उपलब्ध कराने और जल संरक्षण को बढ़ावा देने में भी इसका महत्वपूर्ण योगदान हो सकता है. बिहार जैसे कृषि प्रधान राज्य के लिए यह शोध विशेष महत्व रखता है. गंगा, कोसी, बागमती सहित अन्य नदियों में जाने वाले प्रदूषित जल के उपचार तथा जल पुनर्चक्रण में यह तकनीक सहायक हो सकती है. आशुतोष कुमार की यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि खगड़िया जैसे जिले के युवा भी अपनी प्रतिभा और मेहनत के बल पर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना सकते हैं. उनकी यह उपलब्धि जिले के विद्यार्थियों एवं युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं. सामाजिक कार्यकर्ता अमरीष कुमार, पीएचडी छात्र सन्नी राज, शैक्षणिक एवं बुद्धिजीवी वर्ग ने आशुतोष कुमार तथा उनके माता-पिता को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी.
