गोगरी/महेशखूंट (खगड़िया) से रणवीर झा की रिपोर्ट. प्रखंड के महेशखूंट बाजार और एनएच 31 स्थित बस स्टैंड में वाहन चालकों और यात्रियों से अवैध वसूली की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद पुलिस प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार किया है. गोगरी एसडीपीओ साक्षी कुमारी के निर्देश पर महेशखूंट थाना में पदस्थापित पुलिस अवर निरीक्षक (Sub-Inspector) जितेन्द्र सिंह ने खुद के लिखित आवेदन पर यात्रियों और वाहनों से अवैध वसूली करने वाले आठ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है. इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार भी कर लिया गया है.
बिना किसी सरकारी आदेश के हो रही थी मनमानी वसूली
पु.अ.नि. जितेन्द्र सिंह ने अपने लिखित आवेदन में बताया कि उन्हें पुख्ता सूचना मिली थी कि कुछ असामाजिक तत्व टेंपो, टोटो सहित विभिन्न व्यावसायिक वाहनों और आने-जाने वाले यात्रियों से बिना किसी सरकारी आदेश या विभागीय अनुमति के मनमाने ढंग से शुल्क वसूल रहे हैं. इस अवैध वसूली के कारण वाहन चालकों और आम जनता को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा था और उनमें आक्रोश व्याप्त था.
एक आरोपी मौके से गिरफ्तार, सात हुए फरार
मामले को गंभीरता से लेते हुए पु.अ.नि. जितेन्द्र सिंह स्वयं पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस को देखकर वसूली कर रहे लोग भागने लगे, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर एक आरोपी दिलबर कुमार (27 वर्ष), पिता: छठू सिंह (निवासी: बाबू टोला, महेशखूंट) को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया. जबकि उसके सात अन्य सहयोगी मौके का फायदा उठाकर फरार होने में सफल रहे.
गिरफ्तार आरोपी ने खोले साथियों के राज
गिरफ्तार दिलबर कुमार को जब महेशखूंट थाना लाकर कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने अवैध वसूली के इस खेल में शामिल अपने अन्य सहयोगियों के नामों का खुलासा किया. उसके बयान के आधार पर पुलिस ने कुल आठ लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया है, जिनमें शामिल हैं:
- दिलबर कुमार (गिरफ्तार)
- संजीव पासवान
- साधू पासवान
- नितीश पासवान
- सुरेन्द्र पासवान
- राकेश पासवान
- बिट्टू पासवान
- छठू सिंह
पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है, वहीं गिरफ्तार दिलबर कुमार को शनिवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया.
थानाध्यक्ष की सख्त चेतावनी: अवैध वसूली बर्दाश्त नहीं
मामले को लेकर महेशखूंट थानाध्यक्ष ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि बस स्टैंड या किसी भी सार्वजनिक परिसर में किसी भी प्रकार की अवैध वसूली कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्थलों पर अवैध गतिविधियों को समाप्त करना और जनता को निर्भय वातावरण देना प्रशासन की पहली प्राथमिकता है. जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा. दूसरी ओर, स्थानीय वाहन चालकों और आम जनता ने पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई का स्वागत किया है. लोगों का कहना है कि यहां लंबे समय से अवैध वसूली का खेल चल रहा था, जिस पर अब जाकर प्रशासन ने ठोस हथौड़ा चलाया है.
