बेलदौर प्रखंड क्षेत्र के उसराहा पुल के समीप बिहार सरकार के परिवहन विभाग की ओर से लाखों रुपये की लागत से बनाया गया यात्री ठहराव अतिक्रमण की चपेट में है. यात्री शेड में सामान रखे जाने के कारण इसका समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा है. इससे यात्रियों को धूप और बारिश में खुले में खड़े होकर बसों का इंतजार करना पड़ रहा है.
सामान रखे होने से यात्रियों को नहीं मिल रही जगह
स्थानीय यात्रियों ने बताया कि यात्री शेड का निर्माण यात्रियों की सुविधा के लिए कराया गया था. लेकिन शेड में आसपास के कुछ लोगों द्वारा सामान रखे जाने के कारण बैठने और ठहरने की पर्याप्त जगह नहीं बची है. इससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
बारिश और धूप में बढ़ जाती है परेशानी
यात्री रीना देवी, मुकेश साह, राम बहादुर शर्मा, सुनील कुमार, मंटू रजक, मिथुन कुमार समेत अन्य ने बताया कि शेड में सामान रखे होने के कारण यात्रियों को बाहर खड़ा रहना पड़ता है. खासकर तेज धूप और बारिश के दौरान समस्या और बढ़ जाती है.
2024 में लाखों की लागत से बना था यात्री शेड
बस स्टैंड के किरानी रवि महतो ने बताया कि वर्ष 2024 में लाखों रुपये की लागत से यात्री ठहराव का निर्माण कराया गया था. उन्होंने बताया कि करीब एक वर्ष से शेड में फर्नीचर का सामान रखा हुआ है. इससे यात्रियों को परेशानी हो रही है.
शेड खाली कराने पर विवाद की स्थिति
कुछ ग्रामीणों ने बताया कि यात्री शेड को खाली कराने की बात कहने पर संबंधित व्यक्ति के साथ विवाद की स्थिति उत्पन्न हो जाती है. ग्रामीणों का आरोप है कि अतिक्रमण का विरोध करने पर कारी लक्ष्मण मिस्त्री द्वारा गाली-गलौज किए जाने की बात भी सामने आती है.
अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग
ग्रामीणों और यात्रियों ने जिला प्रशासन तथा परिवहन विभाग से मामले की जांच कर यात्री शेड को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की है. लोगों का कहना है कि सरकारी राशि से बनाए गए यात्री ठहराव का उपयोग यात्रियों की सुविधा के लिए सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि उन्हें इसका वास्तविक लाभ मिल सके.
