खगड़िया जिले के चौथम प्रखंड अंतर्गत तेलौंछ पंचायत के पहाड़चक स्थित राजकीय डिग्री कॉलेज में उच्च शिक्षा को लेकर बड़ी पहल हुई है. कॉलेज में कला संकाय के विभिन्न विषयों में आठ नवनियुक्त प्राध्यापकों (असिस्टेंट प्रोफेसर्स) ने अपना योगदान दे दिया है. प्राध्यापकों के पदभार ग्रहण करते ही कॉलेज में विभिन्न विषयों की नियमित कक्षाओं का संचालन विधिवत शुरू कर दिया गया है. स्थानीय स्तर पर डिग्री स्तर की पढ़ाई शुरू होने से ग्रामीण क्षेत्र के छात्र-छात्राओं और अभिभावकों में भारी उत्साह व खुशी का माहौल है.
मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना से दूर होगी उच्च शिक्षा की परेशानी
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मिथिलेश कुमार ने शुक्रवार शाम विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया:
- योजना का उद्देश्य: बिहार सरकार की 'मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना' के तहत छात्र-छात्राओं को उनके अपने प्रखंड क्षेत्र में ही डिग्री स्तर की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है.
- पलायन पर लगेगी रोक: इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण विद्यार्थियों, विशेषकर छात्राओं को स्नातक स्तर की पढ़ाई के लिए दूर-दराज के शहरों या अन्य जिलों में जाने की विवशता से मुक्ति दिलाना है.
योगदान देने वाले 8 प्राध्यापकों और उनके विषयों की सूची
राजकीय डिग्री कॉलेज पहाड़चक में कला संकाय के अंतर्गत निम्नलिखित प्राध्यापकों ने कार्यभार संभाला है:
| प्राध्यापक का नाम | आवंटित विषय (Department) |
| डॉ. राजीव रंजन | राजनीति शास्त्र (Political Science) |
| डॉ. संजीव कुमार | अर्थशास्त्र (Economics) |
| सुरभि सिन्हा | अर्थशास्त्र (Economics) |
| प्रियंका रूबी | समाजशास्त्र (Sociology) |
| सोनाली सिंह | समाजशास्त्र (Sociology) |
| मांडवी कुमारी सिंह | इतिहास (History) |
| समीर कुमार | हिंदी (Hindi) |
| अंजलि कुमारी | अंग्रेजी (English) |
प्राचार्य ने की समीक्षा बैठक: शैक्षणिक गुणवत्ता पर विशेष जोर
शिक्षकों के योगदान के बाद प्राचार्य डॉ. मिथिलेश कुमार ने सभी नवनियुक्त प्राध्यापकों के साथ एक विशेष समन्वय बैठक की:
- गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का संकल्प: बैठक में कक्षाओं के नियमित व समयबद्ध संचालन तथा पठन-पाठन के स्तर को उत्कृष्ट बनाने पर गहन चर्चा हुई.
- प्राचार्य का संदेश: डॉ. मिथिलेश कुमार ने कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान की असली पहचान उसकी शैक्षणिक गुणवत्ता और अनुशासन से होती है. सभी प्राध्यापक अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करें ताकि क्षेत्र के विद्यार्थियों को अपने ही गांव-कस्बे में विश्वस्तरीय शिक्षा मिल सके.
