खगड़िया गोगरी से रणवीर झा की रिपोर्ट:
NH31 Khagaria Illegal Parking: खगड़िया जिले में यातायात नियमों की लगातार अनदेखी सड़क दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बनती जा रही है. खगड़िया से पसराहा तक नेशनल हाईवे-31 सहित कई प्रमुख सड़कों के किनारे भारी वाहनों की अवैध पार्किंग आम बात हो गई है. इसके कारण आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभागों की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क किनारे खड़े ट्रक, बालू लदे वाहन और अन्य भारी वाहन रात के समय दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं. कई मामलों में लोगों की जान भी जा चुकी है, लेकिन स्थिति में कोई स्थायी सुधार नहीं हो पाया है.
नियम हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं
यातायात नियमों के अनुसार सड़क किनारे अवैध रूप से खड़े वाहनों को जब्त करने और उन पर जुर्माना लगाने का प्रावधान है. इसके बावजूद जिले में ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई नगण्य है. यही वजह है कि चालक और वाहन मालिक मनमाने तरीके से जहां जगह मिलती है, वहां वाहन खड़ा कर देते हैं.
स्थिति यह है कि कई स्थानों पर पुलों पर भी ट्रक खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे आवागमन प्रभावित होता है और दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है.
थाना क्षेत्रों में भी बनी रहती है समस्या
पसराहा थाना क्षेत्र, महेशखूंट के सपहा से महेशखूंट और गौछारी तक सड़क किनारे बड़ी संख्या में ट्रक और अन्य वाहन खड़े देखे जा सकते हैं. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जब्त वाहनों को रखने के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध नहीं होने के कारण कई बार मजबूरी में सड़क किनारे ही वाहन रखने पड़ते हैं.
रिफ्लेक्टर और पार्किंग लाइट नहीं होने से बढ़ रहा खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार रात के समय सड़क किनारे खड़े वाहनों पर रिफ्लेक्टर, पार्किंग लाइट और चेतावनी संकेत नहीं होने के कारण दुर्घटनाओं की संभावना कई गुना बढ़ जाती है. अधिकांश पुराने वाहनों के रिफ्लेक्टर टूट चुके हैं या खराब हैं, लेकिन उनकी मरम्मत नहीं कराई जाती.
कई चालक पार्किंग लाइट का भी उपयोग नहीं करते, जिससे पीछे से आने वाले वाहन चालकों को समय रहते खड़े वाहन दिखाई नहीं देते और हादसे हो जाते हैं.
दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण
- एनएच और एसएच पर भारी वाहनों की लंबी कतारें.
- ट्रकों और अन्य वाहनों पर रिफ्लेक्टिव टेप का अभाव.
- रिफ्लेक्टर पर धूल जम जाने से दृश्यता कम होना.
- सड़क किनारे संचालित अवैध ढाबों और रिपेयरिंग दुकानों के बाहर वाहनों की पार्किंग.
- हाईवे पर पर्याप्त स्ट्रीट लाइट और रोशनी की कमी.
- रात के समय प्रभावी पुलिस गश्त का अभाव.
- बालू लदे वाहनों से गिरने वाली धूल और बालू के कारण फिसलन.
- चालकों में गति नियंत्रण और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता की कमी.
लोगों ने की सख्त कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन से हाईवे किनारे अवैध पार्किंग पर सख्त कार्रवाई, रिफ्लेक्टर और पार्किंग लाइट की नियमित जांच तथा सड़क सुरक्षा नियमों के कड़ाई से पालन की मांग की है. उनका कहना है कि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो सड़क हादसों की संख्या लगातार बढ़ती रहेगी.
