Student Protest: खगड़िया. नीट परीक्षा पेपर लीक के विरोध में शुक्रवार को छात्र-छात्राओं ने शहर में विरोध मार्च निकाला. प्रदर्शन का नेतृत्व शुभम कुमार और सुमित बाबा ने किया. छात्रों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पेपर लीक की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की.
सूर्य मंदिर चौक से समाहरणालय तक निकला मार्च
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार छात्र-छात्राएं सूर्य मंदिर चौक पर एकत्रित हुए. यहां से जुलूस गौशाला रोड, पटेल चौक, अस्पताल रोड और कचहरी रोड होते हुए समाहरणालय पहुंचा. समाहरणालय के समक्ष प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर नारे लगाए. इसके बाद जुलूस ओवरब्रिज होते हुए राजेंद्र चौक पहुंचा, जहां विरोध प्रदर्शन जारी रहा.
तख्तियों के जरिए जताया विरोध
प्रदर्शन में शामिल छात्र-छात्राओं के हाथों में "पेपर लीक बंद करो", "छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो", "दोषियों को कड़ी सजा दो" और "शिक्षा व्यवस्था बचाओ" जैसे संदेश लिखी तख्तियां थीं. छात्रों ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार पेपर लीक की घटनाओं से लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है.
छात्र नेताओं ने उठाई जवाबदेही की मांग
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सुमित बाबा और शुभम कुमार ने कहा कि वर्षों की मेहनत के बाद छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं उनकी मेहनत पर पानी फेर देती हैं. उन्होंने मांग की कि इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों.
चप्पे-चप्पे पर रही पुलिस की तैनाती
प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस-प्रशासन पहले से सतर्क था. शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, समाहरणालय परिसर और जुलूस मार्ग पर बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष पुलिस बल की तैनाती की गई थी. सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी एएसपी मुकुल रंजन और सदर एसडीओ धनंजय कुमार कर रहे थे. प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहने के कारण किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई.
प्रदर्शन से पहले छात्र नेताओं को किया गया डिटेन
Student Protest: प्रदर्शन से पूर्व पुलिस ने एहतियातन करीब एक दर्जन छात्र नेताओं को हिरासत में लिया. एसडीओ द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 126 के तहत शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से छात्र नेता सुमित बाबा, शुभम सिंह, रिशव कुमार, आनंद कुमार, गुलशन कुमार, नवीन कुमार, राजा कुमार, शुभम पटेल, विराट पटेल और दीपनारायण पटेल सहित अन्य छात्रों से बांड भरवाकर बाद में छोड़ दिया गया. छात्र नेताओं का आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन की पूर्व अनुमति होने के बावजूद उन्हें पहले ही डिटेन किया गया.
