बेलदौर नगर पंचायत क्षेत्र में लाखों रुपये की लागत से लगाए गए प्याऊ यानी वाटर एटीएम इन दिनों लोगों के किसी काम नहीं आ रहे हैं. शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए लगाए गए ये प्याऊ पिछले कई महीनों से बंद पड़े हैं. इससे आम लोगों के साथ-साथ सीएचसी आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है.
सीएचसी के सामने लगा प्याऊ भी बंद
नगर पंचायत की ओर से सीएचसी बेलदौर, थाना चौक, पुस्तकालय समेत कई सार्वजनिक जगहों पर प्याऊ लगाए गए थे. इनमें सीएचसी के सामने लगा वाटर एटीएम लंबे समय से बंद बताया जा रहा है. स्थानीय लोगों के अनुसार, चालू होने के करीब तीन महीने बाद ही इसमें खराबी आ गयी थी. इसके बाद से अब तक इसकी मरम्मत नहीं करायी गयी.
मरीजों को बाहर से खरीदना पड़ रहा पानी
सीएचसी पहुंचने वाले मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि अस्पताल के आसपास शुद्ध पेयजल की सुविधा नहीं है. ऐसे में मजबूरी में उन्हें बाहर से बोतलबंद पानी खरीदना पड़ता है. गर्मी के दिनों में यह परेशानी और बढ़ जाती है. अस्पताल आने वाले गरीब परिवारों पर पानी खरीदने का अतिरिक्त खर्च भी पड़ रहा है.
कई बार जानकारी देने के बाद भी नहीं हुआ सुधार
स्थानीय ग्रामीणों और कुछ वार्ड पार्षदों का आरोप है कि बंद पड़े प्याऊ की जानकारी कई बार नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी अमर प्रकाश राय को दी गयी. इसके बावजूद अब तक इसकी मरम्मत नहीं करायी गयी. लोगों का कहना है कि नगर पंचायत क्षेत्र में लगाए गए दूसरे प्याऊ भी कई जगह बंद पड़े हैं.
लाखों खर्च के बाद भी नहीं मिल रहा फायदा
लोगों का कहना है कि सार्वजनिक जगहों पर वाटर एटीएम लगाने का मकसद लोगों को आसानी से साफ पानी उपलब्ध कराना था. लेकिन लंबे समय से इनके बंद रहने से योजना का लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है. ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब प्याऊ का इस्तेमाल ही नहीं हो रहा है तो लाखों रुपये खर्च करने का फायदा क्या हुआ.
डीएम से जांच और कार्रवाई की मांग
प्याऊ बंद रहने को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है. ग्रामीणों ने जिला पदाधिकारी से मामले की जांच कराने की मांग की है. साथ ही बंद पड़े सभी प्याऊ को जल्द चालू कराने की मांग की है. लोगों ने कहा कि जांच में यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्ति या संवेदक पर नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए.
