गोगरी. जैसे-जैसे तापमान बढ़ रहा है, वैसे-वैसे मच्छरों का प्रकोप भी तेजी से बढ़ता जा रहा है. शाम ढलते ही मच्छरों की भनभनाहट और उनके डंक से लोग परेशान हो उठते हैं. शहर से लेकर गांव तक स्थिति चिंताजनक होती जा रही है. मच्छरों के कारण न केवल लोग, मवेशी भी प्रभावित हो रहे हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े आकार के मच्छर दुधारू पशुओं को काट रहे हैं, जिससे उनके शरीर में सूजन तक हो रही है. मच्छरों के काटने से दुधारू मवेशी रातभर पैर और पूंछ मारते रहते हैं, जिससे उनकी दूध उत्पादन क्षमता भी प्रभावित होती है. वहीं शहरी इलाकों में महीन मच्छर बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को परेशान कर रहे हैं. शाम होते ही मच्छर घरों में भर जाते हैं और काटने से शरीर पर लाल चकत्ते पड़ रहे हैं. शहर में कई लोग मजबूरन मच्छरदानी का सहारा ले रहे हैं.
खुले नाले और गंदगी से बढ़ा मच्छरों का प्रकोप, बीमारी फैलने की आशंका

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