बेलदौर नगर पंचायत स्थित महर्षि मेंही योगाश्रम में मासिक अधिवेशन को लेकर सप्ताह ध्यान साधना शिविर का शुभारंभ हुआ. शिविर में श्रद्धालु पांच पालियों में ध्यान एवं साधना कर रहे हैं. प्रथम दिन संत स्तुति, भजन-कीर्तन के बाद सत्संग का आयोजन किया गया.
साधना शिविर को बताया आत्मकल्याण का माध्यम
सत्संग की अध्यक्षता सदानंद बाबा ने की. मंच पर विराजमान बिशारी बाबा, देव सुंदर बाबा, गुलाब बाबा और लक्ष्मी बाबा सहित अन्य संतों ने ध्यान साधना के महत्व पर अपने विचार रखे. बिशारी बाबा ने कहा कि आत्मकल्याण और आत्मज्ञान प्राप्त करने का प्रमुख माध्यम साधना शिविर है. ध्यान साधना मन और आत्मा को शुद्ध करने का सर्वोत्तम माध्यम है.
नियमित ध्यान से बढ़ता है आत्मबल
बिशारी बाबा ने कहा कि नियमित ध्यान से व्यक्ति के भीतर सकारात्मक ऊर्जा, आत्मबल और मानसिक शांति का विकास होता है. आज की भागदौड़ और तनावपूर्ण जीवनशैली में संतों द्वारा बताये गये ध्यान और साधना के मार्ग की प्रासंगिकता और बढ़ गयी है.
सुख-शांति के लिए जरूरी है ईश्वर भक्ति
उन्होंने कहा कि मानव जीवन में सुख, समृद्धि और शांति के लिए ईश्वर भक्ति जरूरी है. इसके लिए अच्छे सद्गुरु से दीक्षा लेकर नियमित रूप से सत्संग करना चाहिए.
नशा और हिंसा से दूर रहने की अपील
बिशारी बाबा ने श्रद्धालुओं से नशा, चोरी, हिंसा और व्यभिचार से दूर रहकर सदाचार का पालन करने की अपील की. उन्होंने कहा कि सदाचार और भक्ति के मार्ग पर चलने से मनुष्य सांसारिक माया-मोह और दुखों से मुक्ति की ओर बढ़ सकता है.
दर्जनों सत्संग प्रेमी रहे मौजूद
मौके पर मंदिर व्यवस्थापक तपेश्वरानंद जी महाराज, गौतम बाबा, शिक्षक अनंत शर्मा, केदार शर्मा, दिवाकर यादव, अवनी कुमार शर्मा, महेश्वर मिस्त्री समेत दर्जनों सत्संग प्रेमी मौजूद थे.
