खगड़िया. नगर परिषद क्षेत्र के बलुआही बस स्टैंड के समीप रहने वाले एक दर्जन से अधिक लोगों ने घर तोड़ने की शिकायत को लेकर समाहरणालय पहुंचे. पीड़ित लोगों ने कहा कि पड़ोसी द्वारा जबरदस्ती घर को तोड़कर रास्ता निकाल लिया. बलुआही बस स्टैंड से पूरब वार्ड संख्या 31 निवासी जवाहर पासवान, नैनतारा देवी ने कहा कि वे लोग कुम्हरचक्की, रहीमपुर गांव के निवासी थे. लगभग 65 वर्ष पूर्व 1983 में गंगा नदी के कटाव में हमारा पूरा गांव नदी में समा गया था. उस समय सरकार और अधिकारियों द्वारा दो परिवार के साथ-साथ लगभग 500 परिवारों को बलुआही बस स्टैंड से पूरब हाजीपुर एवं परमानंदपुर मौजा के बिहार सरकार के सरकारी गैर मजरूआ जमीन पर बसाया गया था. तब से दोनों परिवार अन्य परिवारों के साथ वहीं पर रह रहे हैं. बमबम सहनी, नंदन सहनी ने साजिश कर जबरदस्ती निजी रास्ता दो घरों को तोड़ कर बना लिया. लक्ष्मी कुमारी, मनीषा देवी, बबीता देवी, रूषि देवी, पुष्पा देवी, फूलो देवी, मंजु देवी, अनिता देवी, छार्दा देवी, नैनतारा देवी, उषा देवी, सुमन देवी, काजल देवी, निशा देवी, सीता देवी, सुजा देवी, गौरी देवी, धुरूप पासवान, जवाहर पासवान, बिरवल, सन्नी, प्रमोद पासवान, नुनुलाल पासवान, आदित कुमार, पंकज पासवान, गुलाब पासवान, विरेंद्र पासवान आदि समाहरणालय पहुंचे थे.
बलुआही में घर तोड़कर बना लिया रास्ता, लोगों ने की शिकायत
पीड़ित लोगों ने कहा कि पड़ोसी द्वारा जबरदस्ती घर को तोड़कर रास्ता निकाल लिया
