परबत्ता. अंचल कार्यालय के सभागार कक्ष में आयोजित जनता दरबार में शनिवार को विभिन्न गांवों से पहुंचे फरियादियों ने अपनी-अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखी. चार मामले दर्ज किए गए, जिनमें सभी भूमि विवाद से संबंधित थे. सुनवाई के दौरान प्रशासन ने त्वरित और सख्त रुख अपनाते हुए कई मामलों में मौके पर ही आवश्यक निर्देश जारी किए. पहला मामला थेभाय गांव से सामने आया, जहां निलेश कुमार ने बेचन मंडल के विरुद्ध भूमि विवाद को लेकर आवेदन दिया. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अंचलाधिकारी ने विवादित भूमि की मापी कराने का आदेश दिया. साथ ही, तत्काल प्रभाव से बादी द्वारा किए जा रहे निर्माण कार्य पर रोक लगा दी गई. दूसरा मामला करना गांव से ऋषि देव सिंह द्वारा प्रस्तुत किया गया. इस प्रकरण में उच्च अधिकारी के आदेश के तहत जमीन पर दखल दिलाने का निर्देश पूर्व में दिया जा चुका था. सुनवाई के बाद अंचलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जब तक अंतिम निष्पादन नहीं हो जाता, तब तक जिस पक्ष का जहां वर्तमान में कब्जा है, वह वहीं यथास्थिति बनाए रखेगा. तीसरे मामले में माधवपुर गांव के लेलहा मंडल ने गौरी मंडल के खिलाफ भूमि विवाद को लेकर आवेदन दिया था. दोनों पक्षों को सुनने के बाद अंचलाधिकारी ने इस मामले में भी जमीन की मापी कराने का आदेश जारी किया, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके. वहीं चौथा मामला देवरी पंचायत से जुड़ा हुआ था, जो भी जमीनी विवाद से संबंधित था. इस प्रकरण में विपक्षी पक्ष को तलब करते हुए अगली तिथि पर उपस्थित होने का निर्देश दिया गया. मौके पर अंचलाधिकारी हरिनाथ राम आदि मौजूद थे.
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