11 सूत्री मांगों को लेकर ग्रामीण मजदूरों ने अंचल कार्यालय पर दिया धरना, महंगाई और स्मार्ट मीटर के खिलाफ की नारेबाजी

चौथम अंचल कार्यालय पर ग्रामीण मजदूरों ने 11 सूत्री मांगों को लेकर आक्रोशपूर्ण धरना प्रदर्शन किया. महंगाई, स्मार्ट मीटर को खत्म करने और भूमिहीनों को जमीन देने जैसी प्रमुख मांगों को लेकर केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की गई. तीन घंटे के प्रदर्शन के बाद मांग-पत्र सौंपा गया.

चौथम अंचल कार्यालय परिसर में बिहार प्रांतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन, चौथम इकाई के बैनर तले 11 सूत्री मांगों को लेकर एक दिवसीय आक्रोशपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया गया. धरना में बड़ी संख्या में ग्रामीण मजदूरों के साथ महिला-पुरुष समर्थक और पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए. इस दौरान केंद्र एवं राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई. करीब तीन से चार घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद यूनियन की ओर से 11 सूत्री मांगों से संबंधित मांग-पत्र अंचल एवं प्रखंड कार्यालय में सौंपा गया.

महंगाई को लेकर सरकार पर साधा निशाना

धरना को संबोधित करते हुए यूनियन के नेताओं ने बढ़ती महंगाई को लेकर सरकार पर जमकर निशाना साधा. वक्ताओं ने कहा कि खाद्य पदार्थों, चीनी, प्याज, डीजल और पेट्रोल की बढ़ती कीमतों का सबसे अधिक असर गरीब और मजदूर परिवारों पर पड़ रहा है.

नेताओं ने कहा कि महंगाई के कारण ग्रामीण मजदूरों के सामने परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल होता जा रहा है. सरकार को गरीब और मजदूर परिवारों को राहत देने के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए.

भूमिहीनों को जमीन और स्मार्ट मीटर खत्म करने की मांग

धरना के दौरान भूमिहीन गरीब परिवारों को जमीन उपलब्ध कराने की मांग प्रमुखता से उठाई गई. इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में होल्डिंग टैक्स पर रोक लगाने और स्मार्ट मीटर व्यवस्था को समाप्त करने की मांग भी की गई.

वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण गरीबों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने वाली व्यवस्थाओं पर सरकार को पुनर्विचार करना चाहिए. साथ ही गरीब परिवारों के हित में कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने की मांग की गई.

नल-जल योजना में नियमित पेयजल की उठी मांग

यूनियन नेताओं ने नल-जल एवं हरियाली योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की. उन्होंने कहा कि कई ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को अब भी पर्याप्त और स्वच्छ पेयजल के लिए परेशानी उठानी पड़ती है.

धरना में जरूरतमंद लोगों को 3,000 रुपये प्रतिमाह पेंशन देने की मांग भी रखी गई. वक्ताओं ने कहा कि गरीब, बुजुर्ग और जरूरतमंद लोगों को सम्मानजनक जीवन जीने के लिए पर्याप्त सामाजिक सुरक्षा मिलनी चाहिए.

मनरेगा मजदूरी 700 रुपये करने और लेबर कोड रद्द करने की मांग

धरना में मनरेगा मजदूरों एवं कर्मियों की मजदूरी बढ़ाकर 700 रुपये प्रतिदिन करने की मांग की गई. यूनियन नेताओं ने कहा कि ग्रामीण मजदूरों को उनकी मेहनत के अनुरूप मजदूरी मिलनी चाहिए.

इसके अलावा चारों लेबर कोड को रद्द करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई. वक्ताओं ने मजदूरों के अधिकारों और रोजगार सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार से आवश्यक कदम उठाने की मांग की.

मांग-पत्र सौंपकर आंदोलन समाप्त

करीब तीन से चार घंटे तक चले धरना-प्रदर्शन के बाद यूनियन की ओर से 11 सूत्री मांगों से संबंधित मांग-पत्र अंचल एवं प्रखंड कार्यालय में सौंपा गया. नेताओं ने कहा कि मांगों पर सरकार और प्रशासन को गंभीरता से विचार करना चाहिए.

मौके पर अध्यक्ष इंद्रदेव राम, सह सचिव देवेंद्र चौरसिया, जिला मंत्री राम विनय सिंह, अंचल मंत्री ललन कुमार, डॉ. दिलीप कुमार, बालेश्वर आजाद, नुनु, दयावती सहित दर्जनों कार्यकर्ता एवं समर्थक मौजूद थे.

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लेखक के बारे में

By राजकिशोर सिंह

राजकिशोर सिंह प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. अभी प्रभात खबर के खगड़िया कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा, अनुसंधान, कला-संस्कृति, राजनीति की खबरों में रुचि रखते हैं.

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