चौथम प्रखंड क्षेत्र स्थित राज ठाकुरबाड़ी में कृष्ण जन्माष्टमी को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है. शुक्रवार की शाम सात बजे से भजन-कीर्तन और श्रीकृष्ण जन्म कथा का आयोजन शुरू होगा, जो रात 12 बजे भगवान के जन्म तक चलेगा. जन्माष्टमी समारोह को लेकर ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है.
सात बजे से शुरू होगा भजन-कीर्तन और जन्म कथा
राज ठाकुरबाड़ी में जन्माष्टमी के अवसर पर शाम सात बजे से धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत होगी. कथा वाचक द्वारा भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की कथा प्रस्तुत की जाएगी. इसके साथ ही भजन-कीर्तन का भी आयोजन होगा. श्रद्धालु रात 12 बजे तक कथा और भक्ति कार्यक्रम में शामिल होंगे.
ठाकुरबाड़ी के पुजारी मतीन्द्र नाथ मिश्र ने बताया कि कथा का आयोजन भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय तक चलेगा. रात 12 बजे भगवान के जन्म के बाद विधिवत पूजा-अर्चना की जाएगी और श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण होगा.
आधी रात जन्म लेंगे कान्हा, जयकारों से गूंजेगा मंदिर
जन्माष्टमी समारोह का सबसे खास पल रात 12 बजे आएगा, जब भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाएगा. इस दौरान ठाकुरबाड़ी परिसर में विशेष पूजा-अर्चना होगी. भगवान के जन्म के बाद श्रद्धालु जयकारे लगाएंगे और प्रसाद ग्रहण करेंगे.
आयोजकों की ओर से श्रीकृष्ण के लिए विशेष झूले की भी व्यवस्था की गई है. जन्मोत्सव के दौरान भगवान को झूले में विराजमान कराने की तैयारी है.
आकर्षक सजावट से बदला ठाकुरबाड़ी का रूप
जन्माष्टमी को लेकर राज ठाकुरबाड़ी परिसर की विशेष सजावट की गई है. मंदिर को आकर्षक तरीके से सजाया गया है, जिससे जन्मोत्सव के दौरान यहां आने वाले श्रद्धालुओं को भक्ति और उत्सव का माहौल देखने को मिलेगा.
आयोजक युवराज शंभू की देखरेख में प्रसाद, श्रीकृष्ण झूला और अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है. आयोजन को लेकर ग्रामीण युवा भी उत्साह के साथ तैयारियों में जुटे हुए हैं.
ग्रामीणों में उत्साह, कार्यक्रम को सफल बनाने में जुटे युवा
जन्माष्टमी समारोह को लेकर ग्रामीणों में खासा उत्साह है. आयोजन को सफल बनाने के लिए स्थानीय युवा बढ़-चढ़कर भागीदारी निभा रहे हैं. मंदिर परिसर में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर भी तैयारियां की जा रही हैं.
राज ठाकुरबाड़ी में देर रात तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है. भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साथ ही परिसर में भक्ति, उल्लास और जयकारों का माहौल देखने को मिलेगा.
