खगड़िया में बागमती नदी में डूबे युवक का तीसरे दिन मिला शव, रील बनाते समय तेज धारा में बह गया था रजनीश

Khagaria News: खगड़िया के मेदिनीनगर गांव से बागमती नदी में रील बनाने के दौरान लापता हुए 18 वर्षीय रजनीश कुमार का शव तीसरे दिन बरामद हुआ. प्रशासन और SDRF की सघन तलाश के बाद जलकुंभी में फंसा मिला शव. घटना ने लोगों को नदी किनारे सावधानी बरतने का संदेश दिया है.

Khagaria News: खगड़िया चौथम प्रखंड के मध्य बोरने पंचायत स्थित मेदिनीनगर गांव के 18 वर्षीय रजनीश कुमार का शव बागमती नदी से तीसरे दिन बरामद कर लिया गया. रजनीश रविवार को बौरने घाट पर रील बनाने के दौरान नदी की तेज धारा में बहकर लापता हो गया था. घटना के बाद से प्रशासन, SDRF और स्थानीय ग्रामीण लगातार उसकी तलाश में जुटे थे. बुधवार को कई घंटे तक चले सघन सर्च ऑपरेशन के बाद लौंगा-फुलवरिया के समीप जलकुंभी के बीच फंसा उसका शव मिला. शव मिलने की सूचना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक का माहौल फैल गया.

तीन दिनों तक चला सर्च ऑपरेशन, आखिरकार मिला शव

जानकारी के अनुसार, रजनीश कुमार मेदिनीनगर गांव निवासी शंभु चौधरी का पुत्र था. रविवार को वह बौरने घाट पर दोस्तों के साथ गया था. इसी दौरान नदी किनारे रील बनाने के क्रम में उसका संतुलन बिगड़ गया और वह बागमती नदी की तेज धारा में बह गया.

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन ने खोज अभियान शुरू कराया. SDRF की टीम लगातार नदी में तलाश करती रही. तीसरे दिन बुधवार को नाव की मदद से चलाए गए अभियान के दौरान लौंगा-फुलवरिया के पास जलकुंभी के बीच उसका शव बरामद किया गया.

शव मिलने के बाद गांव में पसरा मातम

शव मिलने की खबर फैलते ही बौरने घाट पर बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंच गए. आसपास के गांवों से भी लोग अंतिम दर्शन के लिए मौके पर पहुंचे. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था. परिवार को अंतिम समय तक उम्मीद थी कि रजनीश जीवित मिल जाएगा, लेकिन तीसरे दिन शव मिलने से उनकी सारी उम्मीदें टूट गईं.

ग्रामीणों ने भी इस घटना पर गहरा दुख जताया और शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी.

यह भी पढ़ें: आलू की खेती से लाखों कमाना चाहते हैं? कृषि वैज्ञानिक ने बताए बंपर मुनाफे के आसान तरीके

Khagaria News: पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा शव

घटना की सूचना मिलते ही चौथम थानाध्यक्ष अजीत कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल खगड़िया भेज दिया.

खोज अभियान के दौरान स्थानीय मुखिया शशिभूषण कुमार, विजय पोद्दार, मोहन सिंह, मुकेश सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि और ग्रामीण लगातार मौके पर मौजूद रहे और SDRF टीम का सहयोग करते रहे.

नदी किनारे रील बनाने के दौरान बरतें सावधानी

हाल के दिनों में नदी, पुल और अन्य जोखिम वाले स्थानों पर रील या वीडियो बनाने के दौरान दुर्घटनाओं के कई मामले सामने आए हैं. प्रशासन लगातार लोगों से अपील करता रहा है कि तेज धारा वाले नदी घाटों और अन्य खतरनाक स्थानों पर फोटो या वीडियो बनाने से बचें. थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है. यह घटना एक बार फिर ऐसे जोखिमों के प्रति सतर्क रहने का संदेश देती है.

Also Read: भागलपुर में चौंकाने वाली खोज, सैंडिस कंपाउंड के जिस पत्थर पर लोग बैठते थे वह निकला दुर्लभ ट्री फॉसिल

Also Read: 21 साल से वही स्वाद… मुजफ्फरपुर के इस समोसे के लिए आज भी दूर-दूर से पहुंचते हैं लोग


प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >