जहां मरीजों को चढ़ने में दिक्कत, वहां दूसरी मंजिल तक पहुंचा ई-रिक्शा, खगड़िया सदर अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल

खगड़िया सदर अस्पताल में सामान ढोने के लिए ई-रिक्शा को सीढ़ियों के रास्ते दूसरी मंजिल तक पहुंचा दिया गया, जिसने अस्पताल की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. मरीजों की सुविधा और सुरक्षा को लेकर लोगों में नाराजगी है.

Khagaria News: खगड़िया सदर अस्पताल से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने अस्पताल की व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. जिस दूसरी मंजिल तक मरीजों और उनके परिजनों का पहुंचना कई बार मुश्किल हो जाता है, वहां सामान ढोने के लिए एक ई-रिक्शा को सीढ़ियों के रास्ते दूसरी मंजिल तक पहुंचा दिया गया. इस घटना का वीडियो और तस्वीर सामने आने के बाद लोगों में हैरानी और नाराजगी दोनों देखी जा रही है.

अस्पताल में इलाज कराने आए लोगों का कहना है कि यदि मरीजों की सुविधा के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, तो फिर अस्पताल परिसर के भीतर इस तरह ई-रिक्शा का उपयोग कैसे और किसकी अनुमति से किया गया. यही सवाल अब स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है.

वीडियो सामने आने के बाद बढ़ी चर्चा

बताया जा रहा है कि शनिवार को अस्पताल परिसर में कुछ सामान दूसरी मंजिल तक पहुंचाने के लिए मजदूरों की जगह ई-रिक्शा का इस्तेमाल किया गया. ई-रिक्शा को अस्पताल की सीढ़ियों के रास्ते ऊपर ले जाया गया. घटना का वीडियो और तस्वीर सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं.

स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह पर सुरक्षा और आवाजाही को लेकर विशेष सावधानी बरती जानी चाहिए. ऐसे में सीढ़ियों के रास्ते ई-रिक्शा को दूसरी मंजिल तक ले जाना सामान्य घटना नहीं मानी जा सकती.

मरीजों को होती है परेशानी

अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि कई बार स्ट्रेचर, व्हीलचेयर या बुजुर्ग मरीजों को ऊपर ले जाने में कठिनाई होती है. ऐसे में यदि उसी रास्ते से ई-रिक्शा को दूसरी मंजिल तक पहुंचाया गया, तो यह व्यवस्था की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़ा करता है.

लोगों का कहना है कि अस्पताल का उद्देश्य मरीजों को सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण देना होता है. यदि सामान ढुलाई के लिए अलग व्यवस्था नहीं है, तो यह प्रशासनिक योजना और संसाधन प्रबंधन दोनों की कमी को दर्शाता है.

सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर सवाल

इस घटना ने अस्पताल की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं. अस्पताल परिसर में लगातार मरीजों और परिजनों की आवाजाही रहती है. ऐसे में सीढ़ियों के रास्ते ई-रिक्शा का संचालन सुरक्षा की दृष्टि से भी जोखिमपूर्ण माना जा रहा है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल प्रशासन की मौजूदगी के बावजूद यदि इस तरह का काम हो गया, तो यह स्पष्ट करता है कि निगरानी तंत्र कितना प्रभावी है. कई लोगों ने यह भी कहा कि सामान ढुलाई के लिए निर्धारित और सुरक्षित व्यवस्था होनी चाहिए थी.

Khagaria News: लोगों ने क्या मांग की

अस्पताल पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों ने मांग की है कि सदर अस्पताल में सामान ले जाने के लिए अलग और सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. उनका कहना है कि अस्पताल में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश और निगरानी व्यवस्था मजबूत की जानी चाहिए.

फिलहाल इस मामले में अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. लेकिन वीडियो और तस्वीर वायरल होने के बाद सदर अस्पताल की व्यवस्था एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई है.

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लेखक के बारे में

By राजकिशोर सिंह

राजकिशोर सिंह प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. अभी प्रभात खबर के खगड़िया कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा, अनुसंधान, कला-संस्कृति, राजनीति की खबरों में रुचि रखते हैं.

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