Khagaria News: खगड़िया जिले के परबत्ता थाना क्षेत्र के लगार कटहरा गांव में रविवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब गांव के पास एक मकई के खेत से कई दिनों से लापता व्यक्ति का सड़ा-गला शव बरामद हुआ. शव की हालत इतनी खराब थी कि पहली नजर में पहचान करना मुश्किल था. आखिरकार कपड़ों और चप्पल के आधार पर परिजनों ने मृतक की पहचान अमर सिंह उर्फ भोला सिंह के रूप में की, जो बीते 1 अगस्त से घर से लापता थे. इस घटना के बाद गांव में शोक और आशंका का माहौल है, जबकि पुलिस मौत के कारणों की जांच में जुट गई है.
एक अगस्त को घर से निकले, फिर कभी वापस नहीं लौटे
परिजनों के अनुसार अमर सिंह उर्फ भोला सिंह पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे और मानसिक रूप से भी अस्वस्थ रहते थे. उनकी पत्नी रंजू देवी ने बताया कि वह अक्सर घर से निकलकर इधर-उधर भटक जाते थे. 1 अगस्त को भी वह अचानक घर से निकले थे, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटे.
शुरुआत में परिवार को लगा कि वह किसी परिचित के यहां चले गए होंगे. जब दो-तीन दिन तक उनका कोई सुराग नहीं मिला तो परिजनों ने रिश्तेदारों, आसपास के गांवों और संभावित स्थानों पर लगातार तलाश की. इसके बावजूद उनका कोई पता नहीं चल सका.
मकई के खेत में मिला शव, गांव में मच गई सनसनी
रविवार सुबह गांव के कुछ लोगों ने लगार कटहरा के पास स्थित एक मकई के खेत में शव पड़ा होने की सूचना दी. देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए. शव कई दिनों पुराना होने के कारण बुरी तरह सड़-गल चुका था, जिससे पहचान करना बेहद मुश्किल हो गया.
सूचना मिलते ही परबत्ता थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास के क्षेत्र की घेराबंदी कर जांच शुरू की. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की. बाद में जब परिजन मौके पर पहुंचे तो उन्होंने कपड़ों और चप्पल के आधार पर शव की पहचान अमर सिंह उर्फ भोला सिंह के रूप में की.
परिवार का दर्द, बीमारी और मानसिक अस्वस्थता का संदर्भ
रंजू देवी ने बताया कि उनके पति लंबे समय से बीमार थे और मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं रहती थी. इसी कारण वह कई बार बिना बताए घर से निकल जाते थे. परिवार को उम्मीद थी कि इस बार भी वह किसी तरह वापस लौट आएंगे, लेकिन रविवार को मिली सूचना ने सारी उम्मीदें खत्म कर दीं.
गांव के लोगों का कहना है कि भोला सिंह का स्वभाव शांत था और उनका किसी से कोई विवाद नहीं था. यही वजह है कि परिजन इस घटना को लेकर किसी तरह की आपराधिक आशंका नहीं जता रहे हैं.
पोस्टमार्टम को लेकर असमंजस, पुलिस समझाने में जुटी
घटना के बाद सबसे बड़ी दुविधा पोस्टमार्टम को लेकर सामने आई. परिजन शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए तैयार नहीं थे. उनका कहना था कि अमर सिंह लंबे समय से बीमार थे और उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी, इसलिए पोस्टमार्टम की आवश्यकता नहीं है.
हालांकि पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया कि पोस्टमार्टम से ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी. पुलिस का कहना है कि जब तक चिकित्सीय जांच पूरी नहीं होती, तब तक यह स्पष्ट नहीं कहा जा सकता कि मौत स्वाभाविक थी, बीमारी के कारण हुई या किसी अन्य परिस्थिति में.
Khagaria News: हर पहलू से जांच में जुटी पुलिस
परबत्ता थाना पुलिस मामले की सभी संभावित पहलुओं से जांच कर रही है. घटनास्थल का निरीक्षण किया गया है और आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है. पुलिस का मानना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों पर स्पष्ट निष्कर्ष निकाला जा सकेगा.
फिलहाल लगार कटहरा गांव में इस घटना को लेकर शोक का माहौल है. कई दिनों तक लापता रहने के बाद इस तरह शव मिलने की घटना ने ग्रामीणों को भी झकझोर दिया है.
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