बारिश का इंतजार छोड़ किसानों ने शुरू की धान की बोआई, पंपसेट के सहारे तैयार हो रहे खेत

Khagaria Paddy Sowing: मानसून की दस्तक के बावजूद अपेक्षित बारिश नहीं होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है. लंबे इंतजार के बाद अब किसानों ने समय पर धान की खेती सुनिश्चित करने के लिए पंपसेट और निजी सिंचाई साधनों के सहारे धान की बिजाई शुरू कर दी है. बारिश नहीं होने से खेती की लागत बढ़ रही है और किसान डीजल अनुदान की मांग कर रहे हैं.

परबत्ता से पलटु झा की रिपोर्ट:

Khagaria Paddy Sowing: मानसून के सक्रिय होने और अच्छी बारिश की उम्मीद लगाए बैठे किसानों का सब्र अब टूटने लगा है. मौसम विभाग की ओर से लगातार वर्षा की संभावना जताई जा रही है, लेकिन क्षेत्र में अब तक पर्याप्त बारिश नहीं होने से किसान चिंतित हैं. ऐसे में परबत्ता प्रखंड के किसानों ने सिंचाई के वैकल्पिक साधनों का सहारा लेते हुए धान की बिजाई शुरू कर दी है.

प्रखंड क्षेत्र में मक्का की कटाई लगभग पूरी हो चुकी है. इसके बाद किसान धान की खेती की तैयारियों में जुट गए हैं. बारिश नहीं होने के बावजूद खेतों में पटवन कर धान का बिचड़ा तैयार किया जा रहा है, ताकि रोपाई का समय प्रभावित न हो और उत्पादन पर प्रतिकूल असर न पड़े.

बढ़ रही खेती की लागत

किसानों का कहना है कि हर वर्ष जून के मध्य तक पर्याप्त वर्षा होने लगती थी, जिससे धान की बिजाई का कार्य आसानी से शुरू हो जाता था. इस बार बारिश नहीं होने के कारण उन्हें डीजल पंपसेट से खेतों की सिंचाई करनी पड़ रही है. इससे खेती की लागत लगातार बढ़ती जा रही है.

स्थानीय किसानों के अनुसार मौसम विभाग की बारिश संबंधी भविष्यवाणियां अब तक धरातल पर नहीं उतर सकी हैं. कई दिनों तक बारिश का इंतजार करने के बाद किसानों ने खुद सिंचाई कर खेत तैयार करने का निर्णय लिया है.

डीजल अनुदान की उठी मांग

किसानों ने सरकार और प्रशासन से जल्द डीजल अनुदान योजना लागू करने की मांग की है. उनका कहना है कि सिंचाई पर बढ़ते खर्च को देखते हुए डीजल अनुदान किसानों को बड़ी राहत दे सकता है. यदि समय रहते सहायता नहीं मिली तो छोटे और सीमांत किसानों पर आर्थिक दबाव बढ़ सकता है.

उत्पादन पर पड़ सकता है असर

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि धान की खेती में समय का विशेष महत्व होता है. निर्धारित अवधि में बिजाई और रोपाई नहीं होने पर उत्पादन प्रभावित हो सकता है. यही कारण है कि किसान मौसम की अनिश्चितता के बावजूद सिंचाई के सहारे खेती कार्य को आगे बढ़ा रहे हैं.

बारिश का इंतजार जारी

हालांकि किसानों की निगाहें अब भी आसमान पर टिकी हैं. उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही मानसून पूरी तरह सक्रिय होगा और अच्छी बारिश से खेतों में हरियाली लौटेगी. फिलहाल किसान बढ़ती लागत और मौसम की बेरुखी के बीच खेती को बचाने की जद्दोजहद में जुटे हुए हैं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Shruti Kumari

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >