Khagaria News: खगड़िया जिले के मानसी प्रखंड में महादलित बस्तियों के बच्चों को सरकारी सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है. वंचित परिवारों के बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र बनाने के लिए सभी चिह्नित महादलित टोलों में दो दिवसीय विशेष शिविर आयोजित किया जा रहा है. इस अभियान का उद्देश्य उन परिवारों तक पहुंचना है, जो अब तक जन्म प्रमाण पत्र जैसी बुनियादी दस्तावेजी प्रक्रिया से दूर रहे हैं.
प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) राजीव कुमार ने अमनी ग्राम पंचायत के वार्ड संख्या-3 स्थित पश्चिम मुसहरी में चल रहे शिविर का निरीक्षण किया और मौके पर मौजूद कर्मियों को निर्देश दिया कि किसी भी पात्र बच्चे का आवेदन छूटना नहीं चाहिए. उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रक्रिया सरल, सुलभ और पारदर्शी होनी चाहिए ताकि किसी भी लाभुक को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े.
जन्म प्रमाण पत्र क्यों है इतना जरूरी
निरीक्षण के दौरान बीडीओ राजीव कुमार ने कहा कि जन्म प्रमाण पत्र किसी भी नागरिक का पहला और सबसे महत्वपूर्ण मूल दस्तावेज होता है. इसी आधार पर आगे आधार कार्ड, स्कूल में नामांकन, छात्रवृत्ति, जाति, निवास और अन्य प्रमाण पत्र बनाए जाते हैं. विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए भी जन्म प्रमाण पत्र अनिवार्य दस्तावेज माना जाता है.
उन्होंने कहा कि कई महादलित परिवार अब भी जन्म प्रमाण पत्र के महत्व से पूरी तरह परिचित नहीं हैं. यही कारण है कि प्रशासन इन बस्तियों में विशेष शिविर लगाकर लोगों को जागरूक कर रहा है और पात्र बच्चों का प्रमाण पत्र कैंप मोड में तैयार कराया जा रहा है.
डीएम के निर्देश पर चल रहा विशेष अभियान
जिलाधिकारी के निर्देश पर आयोजित इस विशेष अभियान में विकास मित्र, टोला सेवक, स्वच्छता पर्यवेक्षक और अन्य कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गई है. इनकी जिम्मेदारी घर-घर संपर्क कर पात्र बच्चों की पहचान करना, आवेदन प्राप्त करना और जन्म प्रमाण पत्र निर्गत करने की प्रक्रिया को तेज करना है.
प्रशासन का मानना है कि दस्तावेजों के अभाव में कई बच्चे शिक्षा, छात्रवृत्ति और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से वंचित रह जाते हैं. इसलिए यह अभियान केवल प्रमाण पत्र बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक समावेशन और सरकारी योजनाओं तक पहुंच सुनिश्चित करने का प्रयास भी है.
महादलित परिवारों को मिलेगी सीधी सुविधा
मानसी प्रखंड के विभिन्न महादलित टोलों में आयोजित शिविरों से उन परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्हें पहले प्रमाण पत्र बनवाने के लिए प्रखंड या अन्य कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे. कैंप मोड में आवेदन लेने और स्थानीय स्तर पर प्रक्रिया पूरी होने से समय और खर्च दोनों की बचत होगी.
बीडीओ ने सभी अभिभावकों से अपील की कि वे शिविर का लाभ उठाएं और अपने बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र अवश्य बनवाएं, ताकि भविष्य में उन्हें किसी सरकारी सुविधा या शैक्षणिक प्रक्रिया में कठिनाई का सामना न करना पड़े.
Khagaria News: प्रशासन का फोकस जागरूकता पर भी
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार यह अभियान केवल दस्तावेज बनाने का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि महादलित बस्तियों में जागरूकता फैलाने का भी प्रयास है. शिविरों के माध्यम से लोगों को बताया जा रहा है कि जन्म के बाद समय पर पंजीकरण कराना क्यों आवश्यक है और यह दस्तावेज भविष्य में बच्चों के अधिकारों और अवसरों से कैसे जुड़ा हुआ है.
