खगड़िया में100 से अधिक गर्भवती महिलाओं की हुई ANC जांच, हाई रिस्क मामलों की पहचान

Khagaria Health Camp: गर्भावस्था में एक छोटी लापरवाही मां और बच्चे दोनों के लिए जोखिम बढ़ा सकती है. इसी को ध्यान में रखते हुए खगड़िया के गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल में आयोजित विशेष शिविर में 100 से ज्यादा गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की गई.

खगड़िया के गोगरी से रणवीर झा की रिपोर्ट.

Khagaria Health Camp: अनुमंडलीय अस्पताल गोगरी में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत एएनसी जांच शिविर का आयोजन किया गया. शिविर में 100 से अधिक गर्भवती महिलाओं की प्रसवपूर्व जांच की गई. इस दौरान चिकित्सकों ने महिलाओं के स्वास्थ्य की विस्तृत जांच कर उन्हें गर्भावस्था के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों, पौष्टिक आहार और नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व की जानकारी दी.

मां और बच्चे की सुरक्षा पर रहा विशेष फोकस

शिविर में गर्भवती महिलाओं का हीमोग्लोबिन, ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, वजन, हेपेटाइटिस-बी और एचआईवी सहित कई जरूरी स्वास्थ्य परीक्षण किए गए. चिकित्सकों ने बताया कि समय पर जांच से गर्भावस्था के दौरान होने वाली संभावित जटिलताओं की पहचान आसानी से की जा सकती है और सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित किया जा सकता है.

हाई रिस्क गर्भवतियों की हुई पहचान

जांच के दौरान कई हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की पहचान भी की गई. डॉक्टरों ने बताया कि ऐसे मामलों की समय रहते पहचान होने से प्रसव के दौरान होने वाले जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है. चिन्हित महिलाओं को विशेष निगरानी और आवश्यक चिकित्सकीय सलाह दी गई.

पौष्टिक आहार और नियमित जांच की दी सलाह

शिविर में मौजूद चिकित्सकों ने गर्भवती महिलाओं को हरी साग-सब्जियां, पौष्टिक भोजन और पर्याप्त मात्रा में आयरन युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी. साथ ही प्रत्येक माह नियमित जांच कराने पर जोर दिया गया. महिलाओं को आयरन और विटामिन की गोलियां भी उपलब्ध कराई गईं.

एनीमिया से बचाव पर विशेष जोर

चिकित्सकों ने कहा कि गर्भावस्था के दौरान शरीर में रक्त की पर्याप्त मात्रा बनाए रखना बेहद जरूरी है. महिलाओं को सलाह दी गई कि उनका हीमोग्लोबिन स्तर 10 ग्राम से अधिक बना रहे. इसके लिए आयरन सप्लीमेंट और संतुलित आहार लेने की आवश्यकता बताई गई.

100 से अधिक महिलाओं को दी गई दवा

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ चंद्रप्रकाश ने बताया कि शिविर में 100 से अधिक गर्भवती माताओं की एएनसी जांच की गई. जांच के बाद आवश्यक दवाएं भी उपलब्ध कराई गईं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराकर सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करना है.

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लेखक के बारे में

Published by: Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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