खगड़िया में फायर सेफ्टी जांच के बाद उठी मांग, सरकारी भवनों का भी हो सुरक्षा ऑडिट

Khagaria Fire Safety Audit: परबत्ता बाजार में अग्निशमन विभाग की हालिया जांच के दौरान कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी सामने आने के बाद जनसुरक्षा को लेकर बहस तेज हो गई है. स्थानीय लोगों ने अब बाजार के साथ-साथ सरकारी कार्यालयों, बैंकों, स्कूलों, कॉलेजों और अन्य सार्वजनिक संस्थानों का भी नियमित फायर सेफ्टी ऑडिट कराने की मांग उठाई है. उनका कहना है कि किसी बड़ी दुर्घटना से पहले सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करना जरूरी है.

खगड़िया से अमित कुमार की रिपोर्ट:

Khagaria Fire Safety Audit: परबत्ता बाजार में हाल ही में अग्निशमन विभाग द्वारा चलाए गए विशेष फायर सेफ्टी जांच अभियान के बाद जनसुरक्षा को लेकर नई बहस शुरू हो गई है. बाजार क्षेत्र के करीब 40 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच के दौरान सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी सामने आने के बाद अब स्थानीय लोग सार्वजनिक और सरकारी भवनों की भी अग्नि सुरक्षा जांच कराने की मांग कर रहे हैं.

अग्निशमन विभाग की टीम ने जांच के दौरान कई दुकानों और प्रतिष्ठानों में लूज वायरिंग, अग्निशमन यंत्रों की कमी, आपातकालीन निकास मार्ग के अभाव तथा अन्य सुरक्षा खामियां पाई थीं. इसके बाद संबंधित प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी कर एक सप्ताह के भीतर कमियों को दूर करने और विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त करने का निर्देश दिया गया है.

सिर्फ बाजार नहीं, सार्वजनिक संस्थानों की भी हो जांच

अभियान के बाद स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया है कि क्या केवल दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच से ही अग्नि सुरक्षा सुनिश्चित हो जाएगी. उनका कहना है कि प्रखंड कार्यालय, नगर पंचायत कार्यालय, थाना, डाकघर, बैंक, विद्यालय, कॉलेज, कोचिंग संस्थान और विवाह भवन जैसे स्थानों पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होता है. ऐसे में इन भवनों की सुरक्षा व्यवस्था की भी नियमित समीक्षा होनी चाहिए.

अग्नि सुरक्षा ऑडिट को बनाया जाए नियमित प्रक्रिया

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अग्नि सुरक्षा केवल औपचारिकता नहीं बल्कि जनहित और जनसुरक्षा का विषय है. भवनों में अग्निशमन यंत्र, सुरक्षित विद्युत व्यवस्था, फायर अलार्म, आपातकालीन निकास मार्ग और आपदा प्रबंधन से जुड़ी बुनियादी सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध होनी चाहिए.

लोगों ने यह भी मांग की कि संस्थानों के कर्मचारियों और संचालकों को समय-समय पर प्रशिक्षण दिया जाए ताकि किसी भी आपात स्थिति में प्रभावी ढंग से बचाव कार्य किया जा सके.

कार्रवाई हो निष्पक्ष और पारदर्शी

स्थानीय लोगों ने कहा कि सुरक्षा नियमों का पालन आवश्यक है, लेकिन कार्रवाई निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए. छोटे व्यवसायियों और आम लोगों को अनावश्यक परेशान किए बिना पहले उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश और सुधार का अवसर दिया जाना चाहिए. इसके बाद ही नियमानुसार कार्रवाई की जाए.

जनहित से जुड़ा है अहम मुद्दा

विशेषज्ञों का मानना है कि देश के विभिन्न हिस्सों में हुई कई बड़ी अग्निकांड घटनाओं के पीछे सुरक्षा मानकों की अनदेखी प्रमुख कारण रही है. ऐसे में परबत्ता बाजार में चलाया गया फायर सेफ्टी अभियान एक सकारात्मक पहल है. हालांकि लोगों की मांग है कि यह अभियान केवल बाजार क्षेत्र तक सीमित नहीं रहे, बल्कि पूरे प्रखंड क्षेत्र के सरकारी, निजी और सार्वजनिक संस्थानों में भी नियमित सुरक्षा ऑडिट कराया जाए.

स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से व्यापक स्तर पर अग्नि सुरक्षा जांच अभियान चलाने तथा नियमित फायर सेफ्टी ऑडिट की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि किसी संभावित दुर्घटना से पहले ही सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा सके.

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Published by: Shruti Kumari

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