Khagaria Bridge Danger: अलौली से प्रवीण कुमार प्रियांशु की रिपोर्ट. बहादुरपुर पंचायत को गौड़ाचक पंचायत से जोड़ने वाला मुख्य पुल अब लोगों के लिए खतरे का बड़ा कारण बन गया है. वर्षों पुराना यह लोहे का पुल पूरी तरह जर्जर हो चुका है और स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कभी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है. बावजूद इसके अब तक प्रशासन की ओर से पुल निर्माण या मरम्मत की दिशा में ठोस पहल नहीं की गई है.
स्थानीय वार्ड सदस्य शंकर मुखिया ने कहा कि प्रशासन शायद किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है. उन्होंने बताया कि कई बार विभागीय अधिकारियों को जर्जर पुल की स्थिति से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई.
पुल से गुजरते ही कांपने लगता है पूरा ढांचा
ग्रामीणों के अनुसार पुल की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि जब भी बोलेरो, स्कॉर्पियो, ट्रैक्टर, पिकअप या स्कूल बस गुजरती है, तो पूरा पुल हिलने लगता है. सबसे ज्यादा डर स्कूली बच्चों और पैदल राहगीरों को रहता है.
लोगों का कहना है कि पुल की लोहे की रेलिंग भी कई जगहों से टूटकर नीचे लटक चुकी है. रात के समय यहां से गुजरना और भी खतरनाक हो जाता है, क्योंकि अनियंत्रित वाहन सीधे नीचे गिर सकते हैं.
10 गांवों के लिए लाइफलाइन बना यह पुल
स्थानीय लोगों के मुताबिक यह पुल इलाके के लिए लाइफलाइन की तरह है. इसी रास्ते से उखरौड़ा, सिमराहा, बुचाय टोल, पचरुखी, पिपरा, बुधौरा, विथान, चंनौली और कुआ सहित दर्जनों गांवों के लोग अनुमंडल और जिला मुख्यालय तक पहुंचते हैं.
ग्रामीणों का दावा है कि रोजाना करीब 5 से 10 हजार लोग इस पुल से आवाजाही करते हैं. लगभग 30 हजार आबादी के लिए यह पुल सबसे महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है.
आंदोलन की चेतावनी
स्थानीय ग्रामीण अभिषेक कुमार, सुनील कुमार, राहुल कुमार, फूल कुमार यादव, जयनारायण यादव, राजकुमार मुखिया और अनीष कुमार सहित कई लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द पुल निर्माण शुरू नहीं हुआ, तो ग्रामीण उग्र आंदोलन करेंगे.
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले दो वर्षों से पुल का कंक्रीट और मुख्य ढांचा लगातार कमजोर होता जा रहा है, लेकिन विभागीय उदासीनता के कारण स्थिति और भयावह बनती जा रही है.
