खगड़िया के मुनी टोला पचाठ में कोसी का कहर, 3 घर नदी में समाए, दर्जनों परिवारों पर विस्थापन का खतरा

खगड़िया जिले के मुनी टोला में कोसी नदी का विनाशकारी रूप जारी है. भीषण कटाव के कारण तीन परिवार अपने घर खो चुके हैं और दर्जनों परिवार विस्थापन के कगार पर हैं. 50 बीघा उपजाऊ जमीन नदी में समा जाने से किसानों की आजीविका पर गहरा संकट मंडरा रहा है.

Khagaria News: खगड़िया जिले के बेलदौर प्रखंड स्थित पचाठ पंचायत का मुनी टोला इन दिनों कोसी नदी के भीषण कटाव की चपेट में है. नदी का रुख तेजी से गांव की ओर बढ़ रहा है और हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि कई परिवार अपने घरों को छोड़ने की तैयारी में लग गए हैं. कटाव स्थल अब कुछ घरों से महज 10 मीटर की दूरी पर रह गया है, जिससे पूरे इलाके में भय और अनिश्चितता का माहौल है.

ग्रामीणों का कहना है कि यह सिर्फ जमीन कटने की घटना नहीं है, बल्कि उनके जीवन, आजीविका और भविष्य पर मंडराता संकट है. कई परिवारों को बार-बार विस्थापन झेलना पड़ा है और अब उन्हें फिर वही दर्द दोहराने का डर सता रहा है.

तीन परिवारों के घर कोसी में समा गए

स्थानीय लोगों के अनुसार लगातार हो रहे कटाव में रामरूप मुनी, उपेंद्र मुनी और चतुरी शर्मा के घर पूरी तरह नदी में विलीन हो चुके हैं. इसके बाद भी कटाव थमा नहीं है और नदी की धारा धीरे-धीरे आबादी वाले हिस्से की ओर बढ़ती जा रही है.

ग्रामीणों का कहना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो एक दर्जन से अधिक परिवारों को अपना घर छोड़ना पड़ सकता है. कई लोगों ने बताया कि वे पहले भी कई बार अपना ठिकाना बदल चुके हैं और अब छठी बार विस्थापन की आशंका उन्हें परेशान कर रही है.

50 बीघा उपजाऊ जमीन नदी की भेंट

कटाव का सबसे बड़ा असर किसानों पर पड़ा है. ग्रामीणों के मुताबिक मुनी टोला के पास अब तक करीब 50 बीघा उपजाऊ जमीन कोसी नदी में समा चुकी है. यह वही जमीन थी जिससे कई परिवारों की रोजी-रोटी चलती थी.

खेती योग्य भूमि लगातार घटने से किसानों के सामने आर्थिक संकट गहराने लगा है. लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कटावरोधी कार्य नहीं कराया गया तो आने वाले दिनों में और अधिक खेत और घर नदी की चपेट में आ सकते हैं.

घरों से महज 10 मीटर दूर पहुंचा खतरा

गांव के कई घर अब कटाव स्थल से केवल 10 मीटर की दूरी पर हैं. ऐसे में परिवारों ने जरूरी सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है. बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं में विशेष रूप से डर का माहौल है.

ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय नदी की तेज आवाज और लगातार कटती जमीन उन्हें सोने नहीं देती. हर दिन यह आशंका बनी रहती है कि अगला नंबर उनके घर का हो सकता है.

प्रशासन से कटावरोधी कार्य की मांग

प्रभावित लोगों ने जिला प्रशासन और बाढ़ नियंत्रण विभाग से तत्काल कटावरोधी कार्य शुरू करने तथा संभावित रूप से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था करने की मांग की है. उनका कहना है कि केवल स्थिति का निरीक्षण पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि जमीन और घर बचाने के लिए तत्काल कार्रवाई जरूरी है.

Khagaria News: बाढ़ विभाग ने क्या कहा

बाढ़ प्रमंडल-2 के जूनियर इंजीनियर नवनीत कुमार दास ने बताया कि विभाग की पहली प्राथमिकता जमींदारी बांध को सुरक्षित रखना है. उन्होंने कहा कि मुनी टोला जमींदारी बांध के अंदर स्थित है. इसके बावजूद विभाग मामले की जांच करेगा और स्थिति का जायजा लेकर आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा.

फिलहाल मुनी टोला के लोग हर दिन कोसी के बढ़ते कदमों को देख रहे हैं और प्रशासन से त्वरित राहत तथा सुरक्षा उपायों की उम्मीद लगाए बैठे हैं.

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By Amit kumar singh

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