Khagaria News: गोगरी, खगड़िया. मां विषहरी-बिहुला मेला का रंगमंच उस समय सिर्फ मनोरंजन का केंद्र नहीं रहा, बल्कि बच्चों की प्रतिभा और शिक्षा को प्रोत्साहित करने का मंच भी बन गया. यहां आयोजित क्विज प्रतियोगिता में बच्चों ने करीब पांच घंटे तक अपनी सामान्य ज्ञान और त्वरित सोच का प्रदर्शन किया. प्रतियोगिता खत्म हुई तो शिवानी कुमारी ने पहला स्थान हासिल किया.
लेकिन इस कार्यक्रम की सबसे खास बात सिर्फ शिवानी की जीत नहीं रही. प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली शिवानी और दूसरे स्थान पर रहीं स्मृति पटेल की पढ़ाई का जिम्मा अब एक साल के लिए युवा समाजसेवी रॉबिन स्मिथ ने उठाने का फैसला किया है. दोनों छात्राओं का एक साल तक का शैक्षणिक खर्च वे स्वयं वहन करेंगे.
पांच घंटे तक चली प्रतियोगिता, कई चरणों में हुआ मुकाबला
मां विषहरी-बिहुला मेला के रंगमंच पर आयोजित क्विज प्रतियोगिता का शुभारंभ युवा समाजसेवी रॉबिन स्मिथ ने किया. प्रतियोगिता में एक दर्जन से अधिक बच्चों ने हिस्सा लिया.
करीब पांच घंटे तक चली प्रतियोगिता को कई चरणों में आयोजित किया गया. हर चरण के साथ बच्चों के बीच मुकाबला कड़ा होता गया. प्रतिभागियों ने सवालों के जवाब देकर अपनी तैयारी और प्रतिभा का प्रदर्शन किया.
लंबे समय तक चले इस मुकाबले के बाद परिणाम घोषित किया गया. शिवानी कुमारी ने प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि स्मृति पटेल दूसरे और खुशबू तीसरे स्थान पर रहीं.
जीत के साथ मिली पढ़ाई की बड़ी जिम्मेदारी
प्रतियोगिता के बाद प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान हासिल करने वाले प्रतिभागियों को कप देकर सम्मानित किया गया. लेकिन पुरस्कार वितरण के दौरान रॉबिन स्मिथ की घोषणा ने कार्यक्रम को एक अलग वजह से खास बना दिया.
उन्होंने प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली शिवानी और द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली स्मृति को एक साल के लिए शैक्षणिक रूप से गोद लेने की घोषणा की. अब दोनों छात्राओं की एक साल की पढ़ाई का पूरा खर्च रॉबिन स्मिथ उठाएंगे.
उन्होंने कहा कि छात्राओं को किस स्तर तक पढ़ाई करानी है, इसमें भी वे सहयोग करेंगे. इस पहल से प्रतियोगिता में सफल दोनों छात्राओं को आगे की पढ़ाई के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन मिला है.
मेला बना प्रतिभा दिखाने का मंच
आमतौर पर मेले लोगों के लिए मनोरंजन, खरीदारी और सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र होते हैं. लेकिन गोगरी के मां विषहरी-बिहुला मेला में आयोजित यह क्विज प्रतियोगिता बच्चों के लिए अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर बन गयी.
मंच पर बच्चों ने घंटों तक सवालों का सामना किया. प्रतियोगिता के दौरान उनकी तैयारी, आत्मविश्वास और जवाब देने की क्षमता सामने आयी. ऐसे आयोजन बच्चों को पढ़ाई के साथ प्रतियोगी माहौल का अनुभव भी देते हैं.
इससे बच्चों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित होने की उम्मीद है. खासकर स्थानीय स्तर पर ऐसे आयोजनों से उन बच्चों को मंच मिल सकता है, जिन्हें बड़े शहरों की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का अवसर कम मिलता है.
रॉबिन स्मिथ बोले, प्रतियोगिताएं लगातार होनी चाहिए
पारितोषिक वितरण के बाद उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए रॉबिन स्मिथ ने कहा कि समय-समय पर इस तरह की क्विज प्रतियोगिताएं आयोजित होती रहनी चाहिए. इससे छात्र-छात्राओं में प्रतिस्पर्धा की भावना पैदा होती है और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर मिलता है.
उन्होंने समाज के सक्षम लोगों से भी अपील की कि वे प्रतिभाशाली और जरूरतमंद बच्चों को आगे बढ़ाने में मदद करें. उनके अनुसार बच्चों को सही समय पर सहयोग और प्रोत्साहन मिले तो वे बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं.
उन्होंने क्विज प्रतियोगिता आयोजित करने वाली संस्था को भी धन्यवाद दिया और भविष्य में इसी तरह की शैक्षणिक प्रतियोगिताएं आयोजित करते रहने का आग्रह किया.
एक छात्र की मदद से दूसरे बच्चों को भी मिल सकता है हौसला
शिवानी और स्मृति के लिए एक साल की पढ़ाई का खर्च उठाने की घोषणा व्यक्तिगत मदद से कहीं अधिक मायने रखती है. प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले दूसरे बच्चों के सामने भी यह उदाहरण है कि मेहनत और प्रतिभा को पहचान मिलने पर आगे बढ़ने के रास्ते खुल सकते हैं.
ऐसे आयोजनों में पुरस्कार मिलने से बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता है, लेकिन शिक्षा के लिए आर्थिक सहयोग मिलने का असर लंबे समय तक रह सकता है. इससे परिवारों पर पढ़ाई का खर्च कम करने में मदद मिलती है और बच्चों को अपनी शिक्षा जारी रखने का प्रोत्साहन मिलता है.
स्थानीय स्तर पर इस तरह की पहल आगे भी जारी रहती है तो मेला और सामाजिक आयोजन बच्चों की प्रतिभा को मंच देने के साथ शिक्षा के लिए सहयोग जुटाने का माध्यम भी बन सकते हैं.
स्थानीय बच्चों के लिए बढ़ेगा प्रतियोगी माहौल
गोगरी में आयोजित क्विज प्रतियोगिता का स्थानीय स्तर पर भी महत्व है. एक दर्जन से अधिक बच्चों ने इसमें हिस्सा लेकर यह दिखाया कि छोटे शहर और कस्बों में भी बच्चों में प्रतियोगी परीक्षाओं और सामान्य ज्ञान को लेकर रुचि है.
जरूरत इस बात की है कि ऐसी शैक्षणिक प्रतियोगिताओं का आयोजन नियमित रूप से होता रहे. इससे बच्चों को अपनी तैयारी जांचने का अवसर मिलेगा और अभिभावकों को भी उनकी प्रतिभा समझने में मदद मिलेगी.
मेले के मंच से शुरू हुई यह पहल यदि आगे नियमित शैक्षणिक गतिविधियों से जुड़ती है, तो इसका लाभ सिर्फ विजेता बच्चों तक सीमित नहीं रहेगा.
Khagaria News: आयोजन में ये लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम के दौरान मेला समिति के अध्यक्ष रंजीत कुमार मालाकार, मंच संचालक राजेश यादव, गुड्डू राजा, भारत कुमार, अंकित मालाकार, मेला मंत्री प्रीतम मालाकार और रितेश कुमार फौजी सहित कई लोग मौजूद रहे.
मां विषहरी-बिहुला मेला के मंच पर आयोजित क्विज प्रतियोगिता ने इस बार बच्चों की प्रतिभा को केंद्र में रखा. शिवानी की जीत, स्मृति की सफलता और दोनों की पढ़ाई का एक साल का खर्च उठाने की घोषणा ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया.
