गोगरी बाढ़ में पशुधन पर मंडराया बड़ा खतरा, हरा चारा डूबा; मवेशियों के लिए दाने का संकट

गोगरी में बाढ़ की भयावह स्थिति ने पशुधन को गंभीर खतरे में डाल दिया है. खेतों में हरा चारा डूबने और भूसे के खराब होने से मवेशियों के लिए चारे का भारी संकट खड़ा हो गया है. स्थानीय जनप्रतिनिधि तत्काल राहत और पशु चिकित्सा सुविधा की मांग कर रहे हैं.

गोगरी (खगड़िया) : प्रखंड क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है. अंचल की कई पंचायतों में बाढ़ का पानी फैलने से जनजीवन प्रभावित है. अब बाढ़ प्रभावित इलाकों में पशुधन की सुरक्षा और मवेशियों के चारे का संकट भी बड़ी चुनौती बन गया है. स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने जिला, अनुमंडल और अंचल प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों में युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चलाने की मांग की है.

पानी में जाकर पशुचारा लाते लोग, बाढ़ के पानी के बीच सुरक्षित स्थान पर ले जाते मवेशी और बाढ़ के बीच ऊंचे स्थान पर जाते लोग | Prabhat Khabar Network

हरा चारा डूबा, भूसा भी हुआ खराब

रामपुर मुखिया कृष्णानंद यादव, सरपंच नूर आलम और बौरना मुखिया प्रतिनिधि नासिर इकबाल ने बताया कि बाढ़ के कारण खेतों में उपलब्ध हरा चारा पूरी तरह पानी में डूब गया है. वहीं भूसा और अन्य सूखा चारा भी पानी में भीगने से खराब हो गया है.

इससे पशुपालकों के सामने मवेशियों को खिलाने के लिए चारे का गंभीर संकट पैदा हो गया है. ग्रामीणों के अनुसार कई लोग छाती भर पानी में जान जोखिम में डालकर मवेशियों के लिए चारा लाने को मजबूर हैं.

मवेशियों के साथ ऊंचे स्थानों पर ले रहे शरण

रामपुर सरपंच नूर आलम और बौरना मुखिया प्रतिनिधि नासिर इकबाल के अनुसार बाढ़ के कारण कई परिवार अपने मवेशियों के साथ सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हैं. इन जगहों पर पशुओं के लिए चारा, देखभाल और अन्य जरूरी संसाधनों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है.

जनप्रतिनिधियों ने कहा कि यदि समय रहते पशुपालकों तक सहायता नहीं पहुंची तो बाढ़ के कारण बड़े पैमाने पर पशुधन के नुकसान की आशंका है.

पानी में जाकर पशुचारा लाते लोग, बाढ़ के पानी के बीच सुरक्षित स्थान पर ले जाते मवेशी और बाढ़ के बीच ऊंचे स्थान पर जाते लोग | Prabhat Khabar Network

पशुओं के लिए तत्काल चारा और चिकित्सा सुविधा की मांग

जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से बाढ़ प्रभावित परिवारों और पशुपालकों के लिए तत्काल हरा और सूखा चारा उपलब्ध कराने की मांग की है. इसके साथ ही प्रभावित इलाकों में पर्याप्त संख्या में नावें उपलब्ध कराने की भी मांग की गयी है, ताकि लोगों और पशुओं को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा सके.

प्रशासन से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशु चिकित्सा सुविधा, जरूरी दवाएं और अन्य संसाधन उपलब्ध कराने की भी मांग की गयी है.

बाढ़ में पशुधन बचाना भी बड़ी चुनौती

गोगरी में बाढ़ का संकट अब सिर्फ लोगों तक सीमित नहीं है. घरों और खेतों के साथ मवेशियों के लिए चारे की व्यवस्था भी प्रभावित परिवारों के सामने बड़ी चुनौती बन गयी है. ऐसे में समय पर चारा, पशु चिकित्सा और सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराना जरूरी है.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By रणवीर कुमार

रणवीर कुमार प्रिंट माध्यम में 13 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. गोगरी (खगड़िया) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक गतिविधि, खेल, इतिहास और राजनीतिक गतिविधियों की खबरों में रुचि रखते हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >