परबत्ता के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा को लेकर आपदा मित्रों की टीम लगातार सक्रिय है. रविवार को ऋषि कुमार के नेतृत्व में टीम ने प्रखंड के अलग-अलग बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में डूबने की स्थिति में पहुंचे नौ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला. समय रहते बचाव अभियान शुरू होने से संभावित हादसा टल गया.
घाटों पर स्नान के दौरान डूबने लगे लोग
पर्व-त्योहार के अवसर पर बड़ी संख्या में लोग बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के विभिन्न घाटों पर स्नान करने पहुंचे थे. बाढ़ के कारण कई इलाकों में पानी फैला हुआ है. कुछ स्थानों पर पानी की गहराई अधिक होने के साथ तेज बहाव भी है. इसी दौरान अलग-अलग स्थानों पर कुछ लोग गहरे पानी में चले गये और डूबने की स्थिति में पहुंच गये.
आपदा मित्रों ने तत्काल शुरू किया बचाव अभियान
घाटों और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी कर रहे आपदा मित्रों को इसकी जानकारी मिलते ही बचाव अभियान शुरू किया गया. टीम ने सभी नौ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. आपदा मित्रों की टीम बाढ़ प्रभावित और संवेदनशील घाटों पर लगातार निगरानी कर रही है.
अपरिचित घाटों पर स्नान से बचने की अपील
आपदा मित्रों ने लोगों से बाढ़ के दौरान नये अथवा अपरिचित घाटों पर स्नान करने से बचने की अपील की है. साथ ही बच्चों को अकेले बाढ़ के पानी या घाट के आसपास नहीं जाने देने की सलाह दी गयी है.
आपदा मित्रों ने स्थायी मानदेय की उठायी मांग
बचाव कार्य में सक्रिय आपदा मित्रों ने स्थायी एवं नियमित मानदेय की मांग भी उठायी है. उनका कहना है कि बाढ़, डूबने की घटनाओं और अन्य आपात परिस्थितियों में वे जोखिम उठाकर राहत एवं बचाव कार्य में जुटते हैं. ऐसे में नियमित आर्थिक सुरक्षा के साथ आवश्यक सुरक्षा संसाधन उपलब्ध कराया जाना जरूरी है.
सुरक्षा संसाधन उपलब्ध कराने की मांग
आपदा मित्रों ने सरकार से उनकी जिम्मेदारियों और जोखिमपूर्ण कार्य को देखते हुए मानदेय एवं सुरक्षा सुविधाओं की व्यवस्था करने की मांग की है. बचाव दल में ऋषि कुमार के अलावा सूरज, रितेश, अमृत, नितिश, श्रवण, नारायण, सुरेश, अमरेश, रामरूप, कृष्णा, शिवेश, पंकज, ब्रजेश, रोशन, राजा और प्रशांत समेत अन्य आपदा मित्र शामिल रहे.
