महेशखूंट. जिला सहकारी बैक में भ्रष्टाचार का पोल खुलने लगा है. बड़े पैमाने पर भष्ट्राचार की गयी है. 45 लाख 15 हजार रुपये गबन करने के मामले में प्राथमिकी दर्ज की गयी है. नगर थाना में जिला सहकारी बैंक के निदेशक, शाखा प्रबंधक, अध्यक्ष, पूर्व प्रबंध निदेशक, पूर्व अध्यक्ष के विरुद्ध शनिवार को प्राथमिकी दर्ज की गयी है. बैंक के ही सदस्य ने 45.15 लाख रुपये के सरकारी धन गबन करने का आरोप लगाया था. मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के आदेश पर नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज करते हुए जांच शुरू की गयी है.
इन पर लगाया गया आरोप
गंगौर थाना क्षेत्र के रामनगर मठ निवासी और सहकारी बैंक लिमिटेड के सदस्य रामानंद प्रसाद सिंह ने दर्ज प्राथमिकी में बताया कि सहकारी बैंक लिमिटेड के प्रबंध निदेशक राजीव कुमार, अध्यक्ष अखिलेश कुमार विद्यार्थी, वर्तमान शाखा प्रबंधक सुमित सुमन, पूर्व प्रबंध निदेशक रामाश्रय राम, पूर्व अध्यक्ष राजेश कुमार रमण उर्फ बबलू आदि ने मिलकर सुनियोजित ढंग से सहकारी बैंक के विविध खाता से लगभग 45.15 लाख रुपये का गबन करने के उद्देश्य से वादी एवं गवाह के खाते में हस्तांतरित या नगद जमा कर स्वतः सहकारिता बैंक से सभी नामजद ने रुपये की निकासी कर लिया. आवेदक एवं गवाह को डरा धमका कर अपना बचाव तैयार करने के लिए लेख्य प्रमाणक से गलत शपथ पत्र बनवाया. कहा आप सभी को बैंक द्वारा गलती से हस्तांतरित किये हुए रुपये को किस्तवार भुगतान कर दें. जबकि यह तथ्य बिल्कुल निराधार तथा सत्य से परे है. सभी नामजद एक राय से सहकारी बैंक खाता से करोड़ों रुपये का हेराफेरी कर रुपये का गबन कर लिया है. जान बूझकर अपना बचाव तैयार करने के लिए आवेदक एवं गवाह को गलत तथ्य के आधार पर अलग अलग तिथि में नोटिस भेजा गया है.2023 में ही हुआ था गबन
सहकारी बैंक लिमिटेड के सदस्य जितेन्द्र कुमार द्वारा उपरोक्त सभी नामजद द्वारा किये जा रहे फर्जीवाड़ा को संज्ञान में लेते हुए सहकारी बैंक के प्रधान शाखा को लिखित शिकायत भी किया गया था. जिस पर अभी तक सभी नामजद पर कोई कार्रवाई नहीं की गयी थी. तब आवेदक रामानंद प्रसाद सिंह को विश्वास हो गया कि कुल नामजद योजनाबद्ध तरीके से सहकारी बैंक के पूर्व एवं वर्तमान कर्मचारी एवं पदाधिकारी के साथ विश्वासघात किया गया. सहकारी बैंक से करोड़ों रुपये का ठगी किया. जो कार्यालय संयुक्त निबंधक (अंकेक्षक) सहयोग समितियां भागलपुर मंडल भागलपुर के पत्रांक 339 दिनांक 22 दिसंबर 2023 से स्पष्ट है.
घटना के संबंध में वादी ने कहा कि थानाध्यक्ष एवं पुलिस अधीक्षक को कई बार कार्रवाई का आग्रह किया गया. लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं होने पर बाध्य होकर न्यायालय में वाद दायर किया.कहते हैं नगर थानाध्यक्ष
राकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज की गयी है. मामले की जांच की जाएगी.