स्कूल में बाल विवाह उन्मूलन व दहेज प्रथा उन्मूलन के विषय पर सेमिनार आयोजित खगड़िया. जिला विधिक सेवा प्राधिकार व शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में विद्यालय के बच्चों के बीच बाल विवाह उन्मूलन, नशा व दहेज प्रथा उन्मूलन के विषय पर सेमिनार सह जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया. शहर के जेएनकेटी इंटर विद्यालय के सभागार में शनिवार को कार्यक्रम आयोजित किया गया. इसकी अध्यक्षता प्राधिकार के सचिव ने की. कार्यक्रम का उद्घाटन प्राधिकार के सचिव चंदन कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार गोंड, पैनल अधिवक्ता रेखा कुमारी व अमरजीत कुमार सिंह, उपभोक्ता फोरम के सदस्य अजय कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. प्राधिकार के सचिव चंदन कुमार ने बताया कि प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार राजेश कुमार बच्चन के निर्देशानुसार नालसा के विभिन्न स्कीम के तहत विद्यालय के बच्चों के बीच बाल शिविर का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में बच्चों को बताया गया कि बाल विवाह सामाजिक कुरीति है, इसको हम सबको मिलकर मिटाना होगा. बाल विवाह को रोकने के लिए बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम बनाया गया है. जिसके तहत लड़की की शादी के लिए उम्र 18 वर्ष से अधिक व लड़के की शादी के लिए उम्र 21 वर्ष से अधिक निर्धारित की गयी है. अगर कोई अभिभावक अपने बच्चों का विवाह कानून द्वारा निर्धारित उम्र के अंदर ही करते हैं तो वह दंड के भागी होंगे. बाल विवाह के मामले में दोषियों को 2 वर्ष का कारावास व एक लाख जुर्माना अथवा दोनों हो सकता है. मौके पर जिला शिक्षा पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार गोंड, जिला विधिक सेवा प्राधिकार अंतर्गत पैनल अधिवक्ता रेखा कुमारी, अमरजीत कुमार सिंह, उपभोक्ता फोरम के सदस्य अजय कुमार सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता संजीव डोम ने संबोधित किया.
बाल विवाह कराने पर दो वर्ष की जेल व एक लाख का लग सकता है जुर्माना
जिला विधिक सेवा प्राधिकार व शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में विद्यालय के बच्चों के बीच बाल विवाह उन्मूलन, नशा व दहेज प्रथा उन्मूलन के विषय पर सेमिनार सह जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया
