मध्य अफ्रीका से लौटे गोगरी निवासी के बाद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग सतर्क
खगड़िया (गोगरी) से रणवीर झा की रिपोर्ट:
Ebola Alert Khagaria: इबोला वायरस के संभावित खतरे को देखते हुए खगड़िया जिला स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में आ गया है. सिविल सर्जन डॉ. रमेंद्र कुमार ने जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, अनुमंडल अस्पतालों, रेफरल अस्पतालों और मॉडल सदर अस्पताल के प्रभारियों को विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया है. स्वास्थ्य विभाग ने संदिग्ध मरीजों की तत्काल स्क्रीनिंग और आवश्यक जांच सुनिश्चित करने को कहा है.
मध्य अफ्रीका के कांगो से लौटा गोगरी का युवक
जानकारी के अनुसार, मध्य अफ्रीका के कांगो में सिविल इंजीनियर के रूप में कार्यरत गोगरी प्रखंड अंतर्गत वासुदेवपुर पंचायत के वार्ड संख्या 11 निवासी अरुण मिश्रा के पुत्र रविरंजन कुमार हाल ही में भारत लौटे हैं. बताया गया कि वह कांगो से मुंबई पहुंचे, जहां एयरपोर्ट पर उनकी स्क्रीनिंग की गई. इसके बाद उनके पटना और फिर खगड़िया आने की सूचना जिला प्रशासन को मिली.
सूचना मिलने के बाद जिला प्रशासन ने मामले की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को दी और सतर्कता बरतने का निर्देश जारी किया गया.
विशेषज्ञ चिकित्सक ने की बातचीत
खगड़िया सदर अस्पताल में पदस्थापित वायरस रोग विशेषज्ञ डॉ. शशि कुमार ने रविरंजन कुमार से फोन पर संपर्क कर उनकी यात्रा और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली. रविरंजन कुमार ने बताया कि वह फिलहाल देवघर स्थित अपने आवास पर हैं और कुछ दिनों बाद गोगरी स्थित अपने पैतृक घर आएंगे.
जिले में फिलहाल कोई संदिग्ध मरीज नहीं
गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. चंद्रप्रकाश ने स्पष्ट किया कि फिलहाल जिले में इबोला वायरस का कोई संदिग्ध मामला सामने नहीं आया है. उन्होंने कहा कि घबराने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है और सभी स्वास्थ्यकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं.
संदिग्ध मरीज मिलने पर तत्काल होगी जांच
स्वास्थ्य विभाग ने निर्देश दिया है कि यदि किसी व्यक्ति में इबोला से मिलते-जुलते लक्षण दिखाई देते हैं और वह इलाज के लिए अस्पताल पहुंचता है, तो उसकी तत्काल स्क्रीनिंग और आवश्यक पैथोलॉजिकल जांच कराई जाए. जरूरत पड़ने पर उसे चिकित्सकीय निगरानी में रखकर उपचार शुरू किया जाएगा.
क्या है इबोला वायरस?
इबोला वायरस एक अत्यंत संक्रामक और गंभीर वायरल बीमारी है. इसके शुरुआती लक्षणों में तेज बुखार, अत्यधिक कमजोरी, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द और गले में खराश शामिल हैं. वायरस के संपर्क में आने के 2 से 21 दिनों के भीतर लक्षण दिखाई दे सकते हैं.
गंभीर स्थिति में मरीज को लगातार उल्टी, दस्त, शरीर में पानी की कमी, नाक और मसूड़ों से रक्तस्राव तथा लीवर और किडनी संबंधी समस्याएं हो सकती हैं.
कैसे फैलता है संक्रमण?
विशेषज्ञों के अनुसार इबोला वायरस मुख्य रूप से संक्रमित व्यक्ति या संक्रमित जानवर के रक्त, लार, पसीने और अन्य शारीरिक तरल पदार्थों के सीधे संपर्क में आने से फैलता है. इसलिए संक्रमित व्यक्ति के संपर्क से बचना और स्वच्छता संबंधी सावधानियां बरतना बेहद जरूरी है.
स्वास्थ्य विभाग की सलाह
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे नियमित रूप से हाथ धोएं, संक्रमित व्यक्तियों से दूरी बनाए रखें और जरूरत पड़ने पर मास्क एवं दस्ताने का उपयोग करें. इसके अलावा जंगली जानवरों के कच्चे या अधपके मांस के सेवन से भी बचने की सलाह दी गई है.
विदेश यात्रा से लौटे लोग रहें सतर्क
स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि यदि कोई व्यक्ति इबोला प्रभावित देशों या क्षेत्रों से यात्रा कर लौटा है और उसमें तेज बुखार, कमजोरी, सिरदर्द, उल्टी या अन्य लक्षण दिखाई देते हैं, तो वह तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या चिकित्सक से संपर्क करे.
