चौथम राज दुर्गा मंदिर में शारदीय नवरात्र और दुर्गा पूजा को लेकर तैयारियां शुरू हो गयी हैं. मंदिर परिसर में मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा निर्माण का काम शुरू कर दिया गया है. इस बार श्रद्धालुओं को मां दुर्गा की प्रतिमा का बदला हुआ और आकर्षक स्वरूप देखने को मिलेगा. प्रतिमा निर्माण के लिए भागलपुर से विशेष रूप से कलाकार बुलाये गये हैं.
पहली बार बदलेगा प्रतिमा का स्वरूप
चौथम राज दुर्गा मंदिर में वर्षों से बंगाल पद्धति के अनुसार मां दुर्गा की प्रतिमा तैयार करायी जाती रही है. लेकिन इस बार पहली बार प्रतिमा के स्वरूप में बदलाव किया जा रहा है. मंदिर के आयोजक युवराज शंभू ने बताया कि पहले प्रतिमा का निर्माण करने वाले कलाकार के निधन के बाद इस वर्ष नये कलाकारों से प्रतिमा तैयार करायी जा रही है.
उन्होंने बताया कि भागलपुर से आये कलाकार प्रतिमा को नया स्वरूप देने में जुटे हैं. इस बार मां दुर्गा की प्रतिमा पहले की अपेक्षा अधिक सुंदर, भव्य और आकर्षक होगी. प्रतिमा निर्माण को लेकर मंदिर परिसर में काम तेजी से चल रहा है.
मंदिर की सजावट और रंग-रोगन भी होगा
प्रतिमा निर्माण के साथ ही मंदिर परिसर को सजाने की तैयारी भी शुरू की जायेगी. मंदिर में रंग-रोगन के साथ आकर्षक सजावट की जायेगी. दुर्गा पूजा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए मंदिर समिति की ओर से आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं.
डोली पर होगा मां दुर्गा का आगमन
मंदिर के पुरोहित मतीन्द्र नाथ मिश्रा ने बताया कि इस वर्ष धार्मिक मान्यता के अनुसार मां दुर्गा का आगमन डोली यानी पालकी पर होगा. उन्होंने बताया कि शारदीय नवरात्र की शुरुआत 11 अक्टूबर से होगी. इसके बाद नवरात्र के दौरान मंदिर में विधि-विधान के साथ मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की जायेगी.
विजयादशमी पर होगा प्रतिमा विसर्जन
पुरोहित ने बताया कि विजयादशमी यानी दशहरा 20 अक्टूबर 2026 को मनाया जायेगा. इसी दिन परंपरा के अनुसार मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन किया जायेगा. नवरात्र और दुर्गा पूजा को लेकर अभी से श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिल रहा है. प्रतिमा के नये स्वरूप को लेकर भी लोगों में खास उत्सुकता है.
