गोगारी डीएसपी के अभद्र व्यवहार के विरोध में चिकित्सकों ने काली पट्टी लगाकर किया प्रदर्शन

बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ व आईएमए ने डीएम व एसपी को आवेदन देकर डीएसपी पर कड़ी कार्रवाई की मांग

बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ व आईएमए ने डीएम व एसपी को आवेदन देकर डीएसपी पर कड़ी कार्रवाई की मांग

खगड़िया. बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ व आईएमए से जुड़े चिकित्सकों ने गोगरी डीएसपी के विरोध में गुरुवार को बांह पर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया. संघ ने स्वास्थ्य विभाग के अध्यक्ष,सचिव व उप मुख्य सचिव, डीएम व एसपी को आवेदन देकर डीएसपी के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की. संघ ने कहा कि परबत्ता सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ कशिश के साथ डीएसपी द्वारा कथित रूप से अभद्र, अपमानजनक व्यवहार की गयी. साथ ही नौकरी छोड़ देने की धमकी दी. जिससे चिकित्सक के साथ स्वास्थ्य महकमे में गहरा आक्रोश है. सदर अस्पताल, गोगरी, परबत्ता, अलौली के चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मी ने काली बिल्ला लगाकर विरोध प्रदर्शन किया. बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ व आईएमए ने इसे गंभीर प्रशासनिक चूक बताते हुए दोषी अधिकारी पर सख्त कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने बताया कि बीते 18 फरवरी को नयागांव पचखुट्टी में महाशिवरात्रि पूजा के दौरान प्रसाद सेवन से दर्जनों ग्रामीण बीमार हो गए थे. सूचना मिलते ही डॉ. कशिश ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मेडिकल टीम के साथ मौके पर पहुंचकर इलाज शुरू किया. अधिकांश मरीजों की हालात सामान्य पायी गयी. जबकि 5-6 गंभीर मरीजों को एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परबत्ता में भर्ती कराया गया. इसी दौरान अनुमंडल प्रशासन के निर्देश पर डॉ कशिश पुनः घटनास्थल और बाद में थाना पहुंचीं. चिकित्सकों ने कहा कि थाना में मौजूद डीएसपी ने अन्य अधिकारियों के सामने डॉ. कशिश के साथ अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया. डीएसपी के अभद्र व्यवहार से आहत डॉ कशिश ने इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से की. मामले को लेकर बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ ने जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन को पत्र लिखकर कहा है कि एक महिला चिकित्सा पदाधिकारी के साथ इस प्रकार का व्यवहार निंदनीय है.

डीएसपी ने सीओ से महिला चिकित्सक को बुलवाया थाना

लोगों के बीमार होने की सूचना पर डीएसपी भी जायजा लेने पहुंचे थे. इसी दौरान डीएसपी ने डॉ कशिश से पूछा कि तुमको कब जानकारी मिली तो उन्होंने कहा कि मुखिया द्वारा करीब 12 बजे दोपहर में सूचना दी गयी. इसी बात को लेकर डीएसपी आक्रोशित होकर आंख लाल करते हुए बोलने लगी तुम मुझे पहले क्यों नहीं बतायी. चिकित्सक ने कहा कि स्थिति सामान्य थी, साथ ही ससमय उच्चाधिकारी को सूचित कर दी थी. करीब रात्रि 8 बजे अंचलाधिकारी परबत्ता द्वारा दुरभाष पर बताया गया कि थाना पर बुलाया जा रहा है. थाना पर पहुंचने पर डीएसपी, सीओ, थानाध्यक्ष भी कार्यालय में मौजूद थे. डीएसपी ने निर्देश दी गई कि लगातार फॉलोअप करते हुए कल भी मेडिकल टीम भेज देना है. वहां से वापस कार्यालय चले गए. फिर सीओ द्वारा दूरभाष पर बताया गया कि डीएसपी थाना पर बुला रहे हैं. पुनः थाना पर गई तो डीएसपी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में इलाजरत मरीजों से मिलने की इच्छा जाहिर की. थोड़ी देर बाद पुनः प्रकोष्ठ में गई और चलने के लिए आग्रह किए उसी पर डीएसपी अमर्यादित तरीके से चिल्ला कर बोलने लगी तुम बोल के चली कैसे गयी. उन्होंने कहा कि मेरी बच्ची की तबीयत ठीक नहीं है, तो इसी पर उनके द्वारा टेबल पर हाथ पटक कर अभद्र व्यवहार करने लगे.

डीएसपी पर ससमय कार्रवाई नहीं होगी तो स्वास्थ्य सेवाएं की जायेगी ठप

डीएसपी ने धमकी दी कि तुम नौकरी छोड़ दो तुम मुझे पहचानती नहीं हो. अपने बच्चे की पड़ी है. वहीं उतना सारा बच्चा बीमार हैं. संघ ने कहा कि डीएसपी द्वारा पुनः धमकी देते हुए अनुमंडल पदाधिकारी को स्पष्टीकरण पूछते हुए कार्रवाई करने की बात कही. उन्होंने कहा कि महिला चिकित्सा पदाधिकारी को पुरुष के सामने गाली देकर अपमानित किया गया. उन्होंने कहा कि तानाशाही रवैया को देखते हुए डीएसपी के विरुद्ध कठोर विभागीय व प्रशासनिक कार्रवाई की जरूरत है. ताकि जिले के सभी चिकित्सा पदाधिकारी स्वतंत्र रूप से निर्भिक होकर आमजनों को समय पर स्वास्थ्य लाभ दे सके. कहा कि डीएसपी को स्थानांतरण कराते हुए संघ को प्रोत्साहित करने का कष्ट किया जाय. डीएसपी के विरुद्ध ससमय विधि सम्मत कार्रवाई नहीं होने पर स्वास्थ्य सेवाएं ठप करने के लिए कर संघ बैठक कर निर्णय लेने के लिए बाध्य हो सकता है.

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By RAJKISHORE SINGH

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