खगड़िया से अमित कुमार की रिपोर्ट. जिला प्रशासन द्वारा पर्यावरण सुरक्षा और ईंधन बचत को लेकर शुरू की गई ‘नो व्हीकल डे’ पहल का असर अब सभी विभागों में दिखने लगा है. जिलाधिकारी नवीन कुमार के आदेश के बाद शुक्रवार को जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) स्वयं साइकिल चलाकर कार्यालय पहुंचे. उनके साथ ही विभाग के कई अन्य कर्मी भी पैदल दफ्तर पहुंचे, जिसकी शहर में काफी सराहना हो रही है.
मुख्यमंत्री के निर्देश पर ‘नो व्हीकल डे’ घोषित
जिलाधिकारी ने पत्र जारी कर बताया कि वर्तमान भू-राजनीतिक परिदृश्य और बढ़ती ईंधन खपत को देखते हुए मुख्यमंत्री द्वारा मितव्ययिता एवं ईंधन संरक्षण के निर्देश प्राप्त हुए थे. इसी के अनुपालन में खगड़िया जिले में प्रत्येक शुक्रवार को ‘नो व्हीकल डे’ घोषित किया गया है. इस दिन सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने वाहनों का त्याग कर साइकिल या पैदल कार्यालय आने का निर्देश दिया गया है.
ईंधन और पर्यावरण संरक्षण मुख्य उद्देश्य
इस आदेश का प्राथमिक उद्देश्य सरकारी खर्च में कटौती, ईंधन की बचत और पर्यावरण को प्रदूषण मुक्त बनाना है. डीईओ ने साइकिल से कार्यालय पहुंचकर संदेश दिया कि विभाग का हर कर्मचारी इस मुहिम में साथ है. कार्यालय पहुंचने वाले अन्य कर्मियों ने भी इस पहल को स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिहाज से बेहतर बताया.
आपात स्थिति में मिलेगी छूट
डीएम द्वारा जारी आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह नियम अनिवार्य है, लेकिन कुछ विशेष परिस्थितियों में छूट दी जाएगी:
- विधि व्यवस्था: कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात वाहनों पर यह लागू नहीं होगा.
- अत्यावश्यक कार्य: अत्यंत महत्वपूर्ण और शासकीय कार्यों के तत्काल निष्पादन के लिए वाहन का उपयोग किया जा सकेगा.
- आपातकालीन सेवाएं: स्वास्थ्य या अन्य आपात स्थितियों में वाहन के उपयोग की अनुमति रहेगी.
जिला प्रशासन की इस पहल से न केवल ईंधन की बचत होगी, बल्कि अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच शारीरिक फिटनेस के प्रति भी जागरूकता बढ़ेगी.
