खगड़िया जिले के सदर प्रखंड अंतर्गत माड़र दक्षिणी पंचायत के एक प्रतिष्ठित परिवार पर मंगलवार को दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. पटना-मोकामा मुख्य मार्ग पर मोकामा फ्लाईओवर से आगे करनाल गांव के समीप हुए एक रूह कंपा देने वाले सड़क हादसे में चिकित्सक पति-पत्नी और उनके निजी चालक की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि चार पहिया वाहन सड़क किनारे बने डिवाइडर से टकराने के बाद दो हिस्सों में बंट गया.
मृतकों की शिनाख्त माड़र दक्षिणी पंचायत के वार्ड संख्या एक निवासी जाने-माने चिकित्सक डॉ. पवन कुमार गुप्ता, उनकी धर्मपत्नी और नवटोलिया निवासी वाहन चालक मोहम्मद सलमान के रूप में की गई है. एक साथ तीन मौतों की खबर जैसे ही गांव पहुंची, माड़र सहित पूरे इलाके में कोहराम मच गया और मातम पसर गया.
यूपी से इलाज कराकर घर लौट रहा था दंपती, रफ्तार बनी काल
ग्रामीणों और परिजनों के अनुसार डॉ. पवन कुमार गुप्ता अपनी पत्नी का इलाज कराने के लिए निजी चार पहिया वाहन से उत्तर प्रदेश गए हुए थे. वहां से चिकित्सीय परामर्श और इलाज पूरा करने के बाद वे सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात अपने पैतृक गांव माड़र लौट रहे थे. वाहन को नवटोलिया का रहने वाला चालक मो. सलमान चला रहा था.
जैसे ही वाहन मोकामा फ्लाईओवर को पार कर करनाल गांव के नजदीक पहुंचा, अनियंत्रित होकर सीधे डिवाइडर से जा टकराया. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक वाहन की गति अत्यधिक तेज थी, जिसके कारण टक्कर होते ही जोरदार धमाका हुआ और वाहन के परखच्चे उड़ते हुए वह दो टुकड़ों में तब्दील हो गया. कार में सवार तीनों लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया.
चार साल पहले बेटे की भी सड़क दुर्घटना में गई थी जान
इस हृदयविदारक घटना ने ग्रामीणों की पुरानी टीस को फिर से हरा कर दिया है. स्थानीय लोगों ने बताया कि नियति ने डॉ. पवन कुमार गुप्ता के परिवार पर दूसरी बार यह क्रूर प्रहार किया है. लगभग चार वर्ष पूर्व उनके जवान बेटे की भी एक भीषण सड़क दुर्घटना में असामयिक मौत हो गई थी.
बेटे के गम से परिवार अभी पूरी तरह उबर भी नहीं पाया था कि अब माता-पिता दोनों की एक साथ सड़क हादसे में दर्दनाक मौत ने पूरे खानदान को उजाड़ कर रख दिया. एक ही परिवार के तीन सदस्यों की इस तरह लगातार हादसों में जान जाने की घटना से हर कोई स्तब्ध है.
शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, गांव में पसरा मातमी सन्नाटा
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय मोकामा थाना पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची. पुलिसकर्मियों ने ग्रामीणों की मदद से बुरी तरह क्षतिग्रस्त वाहन के मलबे से तीनों शवों को बाहर निकाला और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए अंत्यपरीक्षण के लिए सदर अस्पताल भेज दिया.
इधर घटना की सूचना मिलते ही बदहवास परिजन मोकामा के लिए रवाना हो गए. गांव में मृतक चिकित्सक के आवास पर ढांढस बंधाने वालों का तांता लगा हुआ है और परिजनों की चीख-पुकार से माहौल बेहद गमगीन बना हुआ है.
