खगड़िया, बेलदौर. प्रखंड के पिरनगरा पंचायत में राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत गुरुवार को चयनित किसानों के क्लस्टर का एकदिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में क्लस्टर से जुड़े 125 किसानों ने भाग लिया. कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रखंड कृषि पदाधिकारी प्रभात रंजन ने की. इस दौरान किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती के महत्व, उपयोगिता और इससे होने वाले लाभों की जानकारी दी गयी.
बीजामृत और जीवामृत तैयार करने की बतायी विधि
प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने किसानों को बीजामृत, जीवामृत, घनजीवामृत और वर्मी कंपोस्ट तैयार करने की आसान विधियों की जानकारी दी. किसानों को बताया गया कि स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर इन जैविक उत्पादों को तैयार किया जा सकता है.
नीमास्त्र और ब्रह्मास्त्र से कीट नियंत्रण की जानकारी
किसानों को रासायनिक दवाओं के स्थान पर प्राकृतिक तरीके से कीट नियंत्रण के उपाय भी बताए गए. नीमास्त्र और ब्रह्मास्त्र जैसे प्राकृतिक घोलों के प्रयोग और उन्हें तैयार करने की विधि की जानकारी दी गयी. इसके अलावा गोबर गैस के उपयोग, हरी खाद को बढ़ावा देने और फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन पर भी प्रशिक्षण दिया गया.
कृषि योजनाओं की भी दी गयी जानकारी
कार्यक्रम में कृषि विभाग की ओर से संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी किसानों को दी गयी. इसमें मुख्यमंत्री समेकित बागवानी मिशन, कृषि यंत्रीकरण योजना, जैविक कॉरिडोर योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड और पीएम-किसान योजना समेत अन्य योजनाएं शामिल रहीं.
अधिकारियों ने किसानों से सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की अपील की.
रासायनिक खाद और दवाओं पर निर्भरता कम करने पर सहमति
प्रशिक्षण के दौरान किसानों में काफी उत्साह देखा गया. किसानों ने रासायनिक खाद और दवाओं पर निर्भरता कम कर प्राकृतिक खेती को अपनाने पर सहमति जतायी. अधिकारियों ने बताया कि प्राकृतिक खेती से खेती की लागत कम करने के साथ मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलती है.
कृषि पदाधिकारी और किसान रहे मौजूद
मौके पर जिला जैविक प्रखंड कृषि पदाधिकारी विजेता कुमार, कृषि समन्वयक राम प्रकाश चौधरी, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक रोशन कुमार और किसान सलाहकार अनिल कुमार मौजूद थे. वहीं प्रगतिशील किसानों में मिथिलेश यादव, अरुण यादव, सुनील कुमार, बृजकिशोर यादव, ललन कुमार, अमित लाल यादव, विवेकानंद यादव, धीरेंद्र यादव समेत अन्य किसान उपस्थित रहे.
