खगड़िया : अब तो आउटडोर में डॉक्टर साहब फर्जी पैथोलॉजी संचालक को पास में बैठा कर ही मरीजों का इलाज कर रहे हैं. स्वास्थ्य विभाग का यह काला सच अलौली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सामने आया है. पीएचसी में चल रहे खेल का काला सच वीडियो कैमरा में कैद हो जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग में खलबली मची हुई है. बताया जाता है कि पीएचसी प्रभारी डॉ आरएन चौधरी के नये कारनामे का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली कटघरे में है. पूरा मामला डीएम के संज्ञान में आते ही अब कार्रवाई तय मानी जा रही है.
फरजी पैथोलॉजी संचालक के साथ डॉक्टर कर रहे आउटडोर
खगड़िया : अब तो आउटडोर में डॉक्टर साहब फर्जी पैथोलॉजी संचालक को पास में बैठा कर ही मरीजों का इलाज कर रहे हैं. स्वास्थ्य विभाग का यह काला सच अलौली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सामने आया है. पीएचसी में चल रहे खेल का काला सच वीडियो कैमरा में कैद हो जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग […]

आउटडोर में पैथोलॉजी संचालक का क्या काम
किसी भी सरकारी अस्पताल में प्राइवेट पैथोलॉजी संचालक का क्या काम हो सकता है. इसका अंदाजा आप लगा सकते हैं. लेकिन अलौली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रभारी चिकित्सक डॉ आरएन चौधरी की फर्जी पैथोलॉजी संचालक पर मेहरबानी चर्चा का विषय बनी हुई है.
बताया जाता है कि आउटडोर में पीएचसी प्रभारी के साथ मुस्तैद पैथोलॉजी संचालक की नजर मरीजों की जेब पर रहती है. इशारों ही इशारों में सारा काम होता है.
नजर मिलते ही मरीजों पर तरह तरह के मेडिकल जांच का बोझ डाल दिया जाता है. कमीशन के सहारे चल रहे काले कारोबार में गरीब खासकर अनपढ मरीजों की जेब ढीली हो रही है. डॉक्टर-पैथोलॉजी संचालक के गठजोड़ से मरीजों का शोषण बदस्तूर जारी है.
ड्यूटी बंटवारा में भी हस्तक्षेप
इतना ही नहीं अलौली पीएचसी में पैथोलॉजी संचालक सिर्फ आउटडोर तक ही सीमित नहीं है. पीएचसी प्रभारी की नजदीकी का हवाला देकर सरकारी काम में भी हस्तक्षेप किया जा रहा है. बीते दिनों नर्सों के ड्यूटी बंटवारे में हस्तक्षेप के कारण पीएचसी के एक अधिकारी व फर्जी पैथोलॉजी संचालक के बीच गरमागरम बहस हुई थी.
पूरे प्रकरण की वीडियो क्लिप सामने आने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने पैथोलॉजी संचालक पर कार्रवाई नहीं कर लूट की छूट जारी रखा. इस संबंध में सीएस से लेकर पीएचसी प्रभारी के मोबाइल पर कई बार फोन करने के बाद रीसिव नहीं किये जाने के कारण उनका पक्ष नहीं लिया जा सका है.