नहीं लेंगे, तो कहां से निकलेगा ऑनलाइन का खर्च : डीइओ

गड़बड़ी . नौवीं कक्षा के छात्रों सेे रजिस्ट्रेशन के नाम पर ली जा रही अवैध राशि सरकारी स्कूलों के काला सच का ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वाइरल होने के बाद डीएम के संज्ञान में मामला आने के बाद शिक्षा विभाग में खलबली मची हुई है. सबसे ताज्जुब की बात है कि डीइओ डॉ ब्रज […]

गड़बड़ी . नौवीं कक्षा के छात्रों सेे रजिस्ट्रेशन के नाम पर ली जा रही अवैध राशि

सरकारी स्कूलों के काला सच का ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वाइरल होने के बाद डीएम के संज्ञान में मामला आने के बाद शिक्षा विभाग में खलबली मची हुई है. सबसे ताज्जुब की बात है कि डीइओ डॉ ब्रज किशोर सिंह भी छात्रों से हो रही अवैध वसूली को खर्चा-पानी के नाम पर जायज ठहरा रहे हैं. इधर, सरकारी स्कूलों में नौवीं कक्षा के छात्रों के रजिस्ट्रेशन में अवैध उगाही प्रकरण पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने आपात बैठक कर छात्र हित में आंदोलन का एलान किया है
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खगड़िया : काले कारनामे को लेकर शिक्षा विभाग एक बार फिर चर्चा में है. इस बार सरकारी स्कूलों में अवैध वसूली के काले सच का ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वाइरल होने के बाद बवाल मचा हुआ है.
जिलाधिकारी जय सिंह ने पूरे मामले में जांच के आदेश दिये हैं. पूरे प्रकरण में डीइओ डॉ ब्रज किशोर सिंह की ऑडियो क्लिप सामने आने के बाद सरकारी स्कूलों में चल रहे काले कारनामे की पोल खुल गयी है. पूरा मामला नौवीं कक्षा के छात्रों के रजिस्ट्रेशन में अवैध वसूली से जुड़ा हुआ है.
जिसमें सरकार ने तो प्रति छात्र रजिस्ट्रेशन के लिए 200 रुपये शुल्क निर्धारित किया है, लेकिन खगड़िया के सरकारी स्कूलों सरकारी निर्देश को ताक पर रख कर प्रति छात्र 50 रुपये तक अवैध वसूली हो रही है. इधर, गोगरी के टीएन बालिका उच्च विद्यालय में 200 की जगह 255 रुपये प्रत्येक छात्रों से लिये जाने के विरोध में मंगलवार को छात्रों ने आक्रोश का इजहार किया है. वहीं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने आपात बैठक कर छात्रों से अवैध वसूली को जायज ठहराने वाले डीइओ सहित दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है. विद्यार्थी परिषद के कार्य समिति सदस्य अंकित सिंह चंदेल ने जल्द कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन का एलान किया है.
कोई ऐसा स्कूल जहां वसूली नहीं हो रही
टीएन बालिका उच्च विद्यालय शिरनियां के प्रधानाचार्य विनय कुमार ने अवैध वसूली को जायज ठहराते हुए कहा कि जिले में एक भी ऐसा स्कूल खोज दीजिये, जहां रजिस्ट्रेशन शुल्क से ज्यादा राशि छात्रों से नहीं ली जा रही है. उन्होंने छात्रों से विभिन्न खर्च के नाम पर शुल्क से ज्यादा राशि से ऑन लाइन सहित दूसरे खर्च निकाले जा रहे हैं. प्रधानाचार्य ने कहा कि सरकार ने भले ही 200 रुपये शुल्क निर्धारित किया है, लेकिन ऑनलाइन सहित दूसरे खर्च के लिए प्रभारी को करने कहा गया है
लेकिन ये पैसे कहां से आयेंगे यह स्पष्ट नहीं है. अगर इसके बारे में जिला मुख्यालय से कोई पत्र निकल जाता तो अच्छा रहता. पूरी बातें ऑडियो क्लिप में कैद होने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर अधिकारियों के संरक्षण में सरकारी स्कूलों में अवैध कमाई का सिलसिला कब रुकेगा? या फिर छात्रों को रिश्वत के सहारे पठन-पाठन की मजबूरी बनी रहेगी.
खगड़िया के सरकारी विद्यालयों का काला सच आया सामने, नौवीं कक्षा के छात्रों के रजिस्ट्रेशन में हो रही उगाही
गोगरी के शिरनियां गर्ल्स स्कूल में रजिस्ट्रेशन शुल्क 200 की जगह 255 रुपये लिये जाने पर छात्राओं में गुस्सा
विद्यालय के प्राचार्य बोले, पूरे जिले में कोई एक भी ऐसा स्कूल नहीं होगा जहां छात्रों से नहीं लिया जा रहा पैसा
शिक्षा विभाग में अधिकारियों की शह पर चल रहे काली कमाई पर रोक लगाने के लिए आंदोलन के मूड में अभाविप के सदस्य
बच्चे रिश्वत देकर पठन-पाठन को मजबूर
इधर, पूरा मामला सोशल मीडिया पर आने के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की आपात बैठक बुला कर विचार किया गया. संगठन के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अंकित सिंह चंदेल ने कहा कि पूरे मामले में जब साफ है कि सरकारी स्कूलों में अवैध वसूली को अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त है तो कार्रवाई में देरी क्यों? इससे घिनौनी बात क्या होगी कि डीइओ इस अवैध वसूली को खर्चा पानी निकालने के नाम पर जायज ठहरा रहे हैं.
छात्र नेता ने जिला प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि छात्रों से अवैध वसूली करने वाले सहित इसे जायज ठहराने वाले डीइओ पर कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन का शंखनाद किया जायेगा. उन्होंने कहा कि छात्र हित में विद्यार्थी परिषद चुप नहीं बैठेगी.
डीएम ने दिये जांच के आदेश
डीएम ने सरकारी स्कूलों में अवैध वसूली व ऑडियो क्लिप वाइरल होने को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिये हैं. उन्होंने डीइओ से रिपोर्ट तलब की है. इधर, डीएम के कड़े रुख से अवैध वसूली में लिप्त कर्मियों में हड़कंप मच गया है.
हेडमास्टर अपनी जेब से भरेगा क्या
रजिस्ट्रेशन के नाम पर अवैध वसूली के मामले में डीइओ ने जो सफाई दी वह चौंकाने वाली है. सोशल मीडिया पर वाइरल ऑडियो क्लिप में जब इसके बारे में बताया गया तो उन्होंने बिना देर किये ही कहा कि ज्यादा पैसा नहीं लेगा तो अलग से जो खर्च होता है वह क्या हेडमास्टर साहब अपनी जेब से भरेंगे. डीइओ के अनुसार सरकार ने भले ही रजिस्ट्रेशन शुल्क के तौर 200 रुपये लेने का आदेश दिया हो, लेकिन बैंक चालान खर्च, कंप्यूटर खर्च,
आने जाने का खर्च, ऑन लाइन का खर्च आदि के लिए ही ज्यादा राशि ली जा रही है. जब उनसे पूछा गया कि इसके लिये क्या कोई आदेश निर्गत हुए हैं तो डीइओ ने कहा कि इ सब का कहीं लिखित निर्देश दिया जाता है क्या? करीब चार मिनट के ऑडियो क्लिप में डीइओ साहब कह रहे हैं कि खर्चा पानी निकालने के लिए छात्रों से रजिस्ट्रेशन शुल्क से थोड़ा बहुत ज्यादा लिया जा रहा है तो हर्ज ही क्या है.
कहते हैं जिला शिक्षा पदािधकारी
सरकार ने नौवीं कक्षा के छात्रों के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए भले ही 200 रुपये शुल्क निर्धारित किया है, लेकिन और भी तो खर्च है. वह कहां से निकलेगा. कंप्यूटर खर्च, आने-जाने का खर्च, बैंक चालान बनाने, ऑनलाइन खर्च वगैरह. ये सब हेडमास्टर अपना पॉकेट से करेगा क्या.
डॉ ब्रज किशोर सिंह, डीइओ
पत्र निर्गत करवा दीजिये
आप लोगों से अनुरोध है कि ये पत्र निर्गत करवा दीजिये कि ऑन लाइन से लेकर दूसरे खर्च कहां से आयेगा और कौन देगा. अगर हेडमास्टर देंगे तो इसका भुगतान कहां से होगा. जिले में एक भी ऐसा स्कूल नहीं होगा जहां नौवीं कक्षा में रजिस्ट्रेशन करने में छात्रों से सरकार के निर्धारित 200 रुपये से अधिक वसूली नहीं हो रही है.
विनय कुमार, प्रधान शिक्षक, टीएम बालिका उच्च विद्यालय, शिरनियां, गोगरी

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