खगड़िया : इंदिरा आवास योजना में गड़बड़ी के एक पुराने मामले में दो बीडीओ की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. क्योंकि राज्य सूचना आयुक्त ने निगरानी विभाग को लगभग एक दशक पूर्व हुए जांच के आलोक में दो दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने को कहा है. वाद संख्या 88502/12बी में सुनवाई करते हुए सूचना आयुक्त बीके वर्मा ने निगरानी विभाग को इंदिरा आवास योजना में बरती गयी अनियमितता के मामले में कार्रवाई करने को कहा है.
खगड़िया के दो बीडीओ पर होगी कार्रवाई
खगड़िया : इंदिरा आवास योजना में गड़बड़ी के एक पुराने मामले में दो बीडीओ की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. क्योंकि राज्य सूचना आयुक्त ने निगरानी विभाग को लगभग एक दशक पूर्व हुए जांच के आलोक में दो दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने को कहा है. वाद संख्या 88502/12बी में सुनवाई करते हुए सूचना आयुक्त बीके […]

2006 में हुई थी जांच : परबत्ता प्रखंड के कोलवारा तथा कुल्हड़िया पंचायत में इंदिरा आवास योजना में काफी अनियमितता बरती गयी थी. वर्ष 2006 में इन दोनों पंचायतों में इंदिरा आवास आवंटन की जांच की गयी थी. डीएम के निर्देश पर तत्कालीन डीआरडीए निदेशक पीताम्बर झा ने जांच की थी. जांच में अनियमितता की बात सामने आने के बाद इस रिपोर्ट को राज्य स्तर पर भेजा गया था.
खगड़िया के दो…
लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी इस मामले के दोषी पदाधिकारी व कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं हो पायी जिसके बाद जिले के एक शिकायत कर्ता ने इसी जांच रिपोर्ट को निगरानी विभाग के प्रधान सचिव के पास भेजते हुए कार्रवाई करने की मांग की थी. लेकिन यहां भी काफी समय से यह मामला लंबित पड़ा हुआ है. आरटीआइ के तहत मांगी गयी सूचना का जवाब नहीं दिये जाने के कारण अब यह मामला राज्य सूचना आयुक्त ने निगरानी विभाग को इस मामले में जांच रिपोर्ट के आधार पर निर्णय लेकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की सलाह दी थी.
क्या है जांच रिपोर्ट
तत्कालीन डीआरडीए निदेशक ने परबत्ता प्रखंड के कोलवारा तथा कुल्हड़िया पंचायत में वर्ष 2004-05 तथा 05-06 में व्यापक पैमाने पर गड़बड़ी किये जाने की बातें अपनी जांच रिपोर्ट में कही थी. जांच में यह बाते सामने आयी थी कि कुल्हड़िया पंचायत में कई लोगों को इंदिरा आवास उन्नयन योजना स्वीकृत की गयी थी. इसमें मात्र पांच लाभुकों का ही नाम बीपीएल सूची में शामिल था. कोलवारा पंचायत में 136 के विरुद्ध मात्र 13 लाभुकों का नाम बीपीएल सूची में शामिल था.
यानी सूची से बाहर रहनेवाले लोगों को भी इस योजना का लाभ दिया गया था. जो कि नियम के विरुद्ध था. जांच रिपोर्ट में इस बात का भी उल्लेख किया गया था कि लक्ष्य के अनुरूप न तो दिव्यांगों को ही इस योजना का लाभ दिया गया और न ही एससी-एसटी जाति के लाभुकों को. डीआरडीए निदेशक ने अपनी जांच रिपोर्ट में इस बात की भी चर्चा की थी कि संपन्न परिवारों को भी इस योजना का लाभ दिया गया.
इस अवधि के दौरान एक ही परिवार के कई लोगों को इंदिरा आवास योजना का लाभ दिया गया है. सूत्रों के अनुसार उन्होंने तत्कालीन बीडीओ राजेश कुमार शर्मा, प्रतिमा कुमारी के साथ पंचायत सचिव व मुखिया को दोषी मानते हुए इन पर कार्रवाई की अनुशंसा की थी. लेकिन इतने समय बीत जाने के बाद भी इनके विरुद्ध इस मामले में कार्रवाई नहीं हो पायी थी.