सरकारी अस्पतालों में मरीजों की अनदेखी डाॅक्टर साहब व कर्मी को पड़ सकता है महंगा
खगड़िया/गोगरी : अब सरकारी अस्पतालों में मरीजों की अनदेखी करना डाॅक्टर साहब व कर्मी को महंगा पड़ सकता है. एक काॅल पर न केवल मरीजों की परेशानी दूर होगी, बल्कि दोषी स्वास्थ्य कर्मियों की भी तत्काल खबर ली जायेगी. स्वास्थ्य सेवाओं सहित चिकित्सक व कर्मी की शिकायतों के लिए स्वास्थ्य विभाग कॉल सेंटर सेवा 104 शुरू कर रही है.
इसको ले स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव ने सभी प्रमुख पदाधिकारियों के लिए गाइड लाइन जारी कर दिया है. प्रथम चरण में कॉल सेंटर के माध्यम से लोग स्वास्थ्य संबंधी शिकायतें, इमरजेंसी सर्विस, आकस्मिक व अति महत्वपूर्ण शिकायतों के साथ ही डाॅक्टर व स्टाफ की
अनुपस्थिति, उपचार में परेशानी, दवा आपूर्ति, दुर्घटना, महामारी, प्राकृतिक आपदा, नशा मुक्ति केन्द्र संबंधित कोई भी शिकायत दर्ज कर सकेंगे. इसका तत्काल समाधान किया जायेगा और लोगों को बेहतर सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी. इसके लिए विशेष गाइड लाइन जारी किया गया है. शिकायतों के निवारण के लिए जिलास्तर पर नोडल पदाधिकारियों को नियुक्त किया गया है, जो शिकायतों का तत्काल निष्पादन कर इसकी रिपोर्ट करेंगे. जिला स्तर पर सिविल सर्जन नोडल पदाधिकारी होंगे, जबकि पीएचसी स्तर पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, जिला स्तर पर जिला कार्यक्रम प्रबंधक व पीएसची स्तर पर प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक सहायक नोडल पदाधिकारी होंगे.
अधिकतम तीन घंटों में होगा शिकायतों का निवारण
फोन कर दर्ज करायी गयी शिकायत का एक घंटे के भीतर संस्थान के नोडल पदाधिकारी द्वारा समाधान किया जाएगा. अगर अधिकतम तीन घंटे तक जिला से लेकर राज्य स्तर तक के पदाधिकारियों द्वारा शिकायत का निवारण नहीं किया जाता है, तो ऐसी शिकायतों की सूची स्वास्थ्य सचिव को उपलब्ध करायी जाएगी. इसकी जिम्मेदारी भी नोडल पदाधिकारियों को दी गयी है.
ऐसे दर्ज कर सकते हैं शिकायत
कोई भी व्यक्ति स्वास्थ्य से संबंधित लापरवाही बरतने वाले डाॅक्टर व कर्मी के विरुद्ध शिकायत दर्ज करा सकते हैं, उन्हें मात्र टॉल फ्री नंबर 104 पर फोन कर शिकायत दर्ज करानी पड़ेगी. इसके साथ ही एसएमएस के माध्यम से वे शिकायत कर सकते हैं. मैसेज बाक्स में बीएच जीआरएस अंग्रेजी के कैपिटल लेटर में लिख कर 160 शब्दों में अपनी शिकायत लिख कर 51969 या 166 पर भेज सकते हैं.
