व्यावसायियों पर दिख रहा शराब बंदी का असर

गोगरी : शराब बंदी लागू होने के बाद अब इसका साइड इफेक्ट सामने आने लगा है. शराबियों को अब जीने का सहारा मिल गया है. न शराब मिलती है और न वे पीते हैं. लिहाजा अब उनके सुधर जाने की उम्मीद है. लेकिन यहां कई ऐसे वर्ग भी हैं, जिन पर शराब बंदी का साइड […]

गोगरी : शराब बंदी लागू होने के बाद अब इसका साइड इफेक्ट सामने आने लगा है. शराबियों को अब जीने का सहारा मिल गया है. न शराब मिलती है और न वे पीते हैं. लिहाजा अब उनके सुधर जाने की उम्मीद है. लेकिन यहां कई ऐसे वर्ग भी हैं, जिन पर शराब बंदी का साइड इफेक्ट दिखने लगा है.

मांस-मछली के व्यावसाय में मंदी : शहरी क्षेत्र की अधिकांश मांस-मछली बेचने वाले छोटे-छोटे होटलों की पहले रात गुलजार होती थी. कई होटल शहर से दूर होते हुए भी मजे से चल रहे थे. लेकिन शराब बंदी होते ही अब इन होटलों की बिक्री समाप्त होने के कगार पर है. रात नौ बजते बजते ऐसे होटल बंद हो जाते हैं.
पान-सिगरेट विक्रेता पर भी है असर : शहर के चौक-चौराहों पर ऐसे कई पान विक्रेता है जो रात 12 बजे तक दुकानें खोलकर शराब पीकर घर लौटने वालों को पान-सिगरेट बेचकर गुजारा करते थे. लेकिन अब ये दुकानें भी नौ बजते-बजते बंद हो जा रही है.
बारात वाहन मालिकों पर भी है असर : पहले बारात जाने के लिए बस आमंत्रण कार्ड मिलते ही जाने की तैयारी शुरू हो जाती थी, लेकिन अब बारात का ग्लैमर ही समाप्त हो गया है.
शराब नहीं तो फिर बारात का मजा कैसे. लेकिन अब दुल्हा-पक्ष जब बारात जाने का आमंत्रण देता है तो बहाना पहले से तैयार होता है-न भैया, गर्मी बहुत है या फिर डायबिटीज हो गया है. लिहाजा जहां पहले मामूली हस्ती वाले दस-दस स्कार्पियों, बोलेरो ले जाया करते थे, अब एक-दो पर ही संतोष कर रहे हैं.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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