दवा हेराफेरी में नया खुलासा
बात करने से कतराने के पीछे क्या है राज
बीते दिनों से अलौली पीएचसी में दवा प्रकरण से लेकर अवैध उगाही सहित दूसरे मामलों में हो रही किरकिरी के बीच स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी बात तक करने से कतरा रहे हैं. पूरे मामले में कई बार फोन करने के बाद भी सीएस व अलौली पीएचसी प्रभारी द्वारा रिसीव नहीं किये जाने के कारण उनका पक्ष नहीं लिया जा सका है.
अब अस्पताल में तैनात होमगार्ड के जवानों ने अलौली पीएचसी प्रभारी पर झूठी बात लिखकर देने का आरोप लगा कर सनसनी मचा दी है. होमगार्ड की मानें तो बीडीओ द्वारा सील प्रकरण वाली रात में ड्यूटी लगायी नहीं गयी … सुबह में पीएचसी प्रभारी ने सील कमरे की निगरानी का निर्देश दिया. लेकिन पीएचसी प्रभारी यह लिखकर देने का दबाव बना रहे हैं कि रात से ही सील कमरे की निगरानी के लिये होमगार्ड तैनात थे. जिसे देने से होमगार्डों ने इंकार कर दिया है. पूरे कारनामे की ऑडियो व बीडीओ क्लिप सामने आने के बाद चर्चा का बाजार गरम है.
खगड़िया : अलौली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सरकारी दवा की हेराफेरी प्रकरण में रोज नये नये खुलासे हो रहे हैं. अब अस्पताल के होमगार्ड ने पीएचसी प्रभारी डॉ आरएन चौधरी पर झूठी बात लिख कर देने का दबाव बनाने का खुलासा कर सनसनी मचा दी है. पूरा एक्सपायर दवा की आशंका बाद पीएचसी के कमरे को किये गये सील के साथ छेड़छाड़ प्रकरण से जुड़ा हुआ है. पूरे कारनामे की ऑडियो व वीडियो क्लिप सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद कई कयास लगाये जा रहे हैं.
सबसे बड़ा सवाल यह है आखिर अलौली पीएचसी में सील कमरे की निगरानी के लिये रात की बजाय सुबह में होमगार्ड की ड्यूटी क्यों लगायी गयी? बताया जा रहा है कि सील से छेड़छाड़ कर कमरे में रखी एक्सपायर दवा को ठिकाने लगाने के लिये होमगार्ड की ड्यूटी रात में नहीं लगायी गयी.
रात में क्यों नहीं लगायी होमगार्ड की ड्यूटी : बताया जाता है कि सील के साथ छेड़छाड़ कर एक्सपायर दवाई ठिकाने लगाने के लिए होमगार्ड की ड्यूटी रात की बजाय सुबह में लगायी गयी.
दिन प्रतिदिन सील प्रकरण में नया खुलासा होने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर रात में सील के बाद से ही कमरे की निगरानी के लिये होमगार्ड की ड्यूटी क्यों नहीं लगायी गयी? पीएचसी प्रभारी ने सुबह सात बजे से ड्यूटी करने के लिये होमगार्ड को क्यों तैनात किया? क्या इसके पीछे एक्सपायर दवा को ठिकाने लगाने के लिये सोची-समझी रणनीति तो नहीं थी? पूरे प्रकरण में उठ रहे सवाल के घेरे में अलौली पीएचसी प्रभारी के अलावा कई स्वास्थ्यकर्मी के साथ साथ प्रखंड विकास पदाधिकारी भी लपेटे में आ गये हैं.
सुबह होते-होते दवा को लगाया ठिकाने : तत्कालीन जिलाधिकारी के निर्देश बाद अलौली प्रखंड विकास पदाधिकारी ने रात के लगभग दस बजे अलौली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रसव वार्ड के एक कमरे व अलमारी को सील किया था. बताया जाता है कि सील किये गये कमरे में बड़ी मात्रा में एक्सपायर दवा छुपा कर रखी हुई थी. उस वक्त कमरे की चाभी मांगने पर अस्पताल प्रबंधन ने बहाना बनाकर टाल दिया था. बीडीओ बताया गया कि जिस नर्स के पास चाभी है वह आज नहीं आयी है. लेकिन प्रखंड विकास पदाधिकारी के लौटते ही संबंधित नर्स अस्पताल में आ गयी और रात के अंधेरे में सील ताला के साथ छेड़छाड़ कर एक्सपायर दवा को ठिकाने लगा दिया गया.
सील से छेड़छाड़ प्रकरण की जांच कब होगी पूरी : सील से छेड़छाड़ कर गोलमाल प्रकरण के तूल पकड़ने के बाद तत्कालीन जिलाधिकारी साकेत कुमार ने इसे गंभीरता से लेते हुए सिविल सर्जन डॉ रासबिहारी सिंह व सदर एसडीओ शिव कुमार शैव जांच कर कार्रवाई कर रिपोर्ट करने का निर्देश दिया था. सबसे बड़ी बात यह है इस खेल का अंत कब होगा यह सोचने वाली बात है. एक पखवाड़ा बीतने को हैं लेकिन कार्रवाई तो दूर जांच तक पूरी नहीं हो पायी है. हालांकि नये डीएम जय सिंह ने भी नये-पुराने गड़बड़ी की दबी फाइलों पर कड़े एक्शन लेने के संकेत दिये हैं.
