बैंक में बदतमीजी पर मचा बवाल
एक बार फिर खगड़िया में बैंक पर लोन देने में अवैध उगाही के आरोप लगे हैं. राजद जिलाध्यक्ष के भाई दवा व्यवसायी प्रवीश कुमार से आइडीबीआइ बैंक बलुआही में सीसी करने के एवज में दस हजार रुपये रिश्वत मांगे जाने के मामला तूल पकड़ने की संभावना है. इधर, दवा व्यवसायी ने कहा कि अब तो यह लड़ाई लंबी चलेगी. जरूरत पड़ी तो दिल्ली तक का दरवाजा खटखटाया जायेगा. सेंट्रल बैंक प्रबंधक सहित कई अधिकारी पर कमीशनखोरी में केस तक दर्ज हो चुका है.
खगड़िया : आइडीबीआइ बैंक में राजद नेता के भाई का सीसी करने के एवज में रिश्वत मांगे जाने के प्रकरण में बवाल बढ़ने की संभावना है. मामला आइडीबीआइ बैंक की खगड़िया शाखा से जुड़ा हुआ है. जिसमें सीसी करने के एवज में रिश्वत मांगने, नहीं देने पर बदतमीजी करने, फाइल फेंकने व धमकी दिये जाने के बाद पीड़ित दवा व्यवसायी प्रवीश कुमार ने सदर थाना में प्राथमिकी दर्ज करने के लिये आवेदन दिया है. इधर, पूरे प्रकरण में सत्ताधारी दल के प्रभावी नेता के भाई से मामला जुड़े होने के कारण तूल पकड़ने की संभावना जतायी जा रही है.
पीड़ित व्यवसायी ने खोला मोरचा : बलुआही निवासी प्रवीश कुमार ने आइडीबीआइ बैंक प्रबंधन के खिलाफ मोरचा खोलते हुए एंटी करप्शन सेल में शिकायत करते हुए कहा कि जरूरत पड़ी तो दिल्ली का दरवाजा खटखटाया जायेगा. उन्होंने कहा कि हमें पता था कि बैंक वाले बदतमीजी नहीं करते हैं. लेकिन आइडीबीआइ बैंक वालों ने मेरा यह भ्रम तोड़ दिया है.
सदर थाना में दिये आवेदन के अनुसार चार महीने पहले सीसी के सारे कागजात जमा करने के बाद तीन दिन पहले बैंक पहुंचने पर बैंक के सहायक प्रबंधक अभिषेक कुमार सिंह ने कहा कि दस हजार रुपये दो… एक सप्ताह में सीसी हो जायेगा. जिसे देने से इनकार करने पर फाइल फेंक दी गयी. इस तरह की हरकत के खिलाफ कार्रवाई के लिए हर दरवाजा खटखटाया जायेगा.
साथ ही सीसी करने के एवज में दस हजार रुपये रिश्वत मांगने, बदतमीजी करने व धमकी दिये जाने की घटना को ले सहायक प्रबंधक अभिषेक कुमार सिंह पर प्राथमिकी के लिए सदर थाना में आवेदन दिया गया है.
मेरा एक भी चेक बाउंस नहीं हुआ : आइडीबीआइ खगड़िया शाखा में डेढ़ साल से खाता चला रहे दवा व्यवसायी प्रवीश कुमार ने बताया कि मेरा आज तक कोई चेक बाउंस नहीं किया है. बैंक के सहायक प्रबंधक अभिषेक कुमार सिंह ने चार महीने पहले सीसी करवाने का ऑफर दिया. सारे कागजात बैंक में जमा कर दिये गये,
लेकिन सीसी नहीं किया गया. इसी बीच 11 अप्रैल को बैंक में पूछने के लिए जाने पर सहायक प्रबंधक ने रिश्वत की मांग की. जिसे देने से इनकार करने तथा लोन नहीं देने का कारण लिखित रूप से देने के लिए कहने पर कागजात फेंकते हुए सहायक प्रबंधक ने बदतमीजी करते हुए कहा कि जाओ जहां शिकायत करना है कर दो. अब इस बैंक में सीसी नहीं हो पायेगा.
सनहा दर्ज कर लिया गया है. पूरे मामले की जांच का जिम्मा एएसआई मुजाहिद आलम को दिया गया है.
महफूज आलम, सदर थानाध्यक्ष
सीसी करने के एवज में दस हजार रुपये कमीशन मांगे जाने की बात बेबुनियाद है. यह बैंक प्रबंधन का अधिकार है कि वह किसे लोन दे और किसे नहीं. प्रवीश कुमार ने सीसी करने के लिये कागजात के नाम पर फोटो कॉपी दी है. बदतमीजी सहित सारे आरोप झूठे हैं.
अभिषेक कुमार सिंह, सहायक प्रबंधक, आइडीबीआइ बैंक खगड़िया.
मेरे पास तीन बैंक के 11 क्रेडिट कार्ड हैं. आज तक किसी बैंक में मेरा चेक बाउंस नहीं हुआ है. बैंक का सिविल स्कोर भी बहुत अच्छा है. आइडीबीआइ बैंक वाले चेक बाउंस करने का तथ्य दें नहीं तो मानहानि का मुकदमा किया जायेगा. चार महीने दौड़ने के बाद बैंक में जाने पर दस हजार रुपये रिश्वत की मांग की गयी.
देने से इनकार करने पर मेरी फाइल फेंक दी गयी. बैंक में बदतमीजी, धमकी दिये जाने के बाद सदर थाना में बैंक के सहायक प्रबंधक अभिषेक कुमार सिंह के खिलाफ प्राथमिकी के लिये आवेदन दिया गया है. बैंक में लोन देने में कमीशनखोरी के खिलाफ आरबीआइ सहित दिल्ली का दरवाजा खटखटाया जायेगा. प्रवीश कुमार, दवा व्यवसायी.
