आंधी-बारिश से फसल बरबाद
खेतों में गिर गयी फसल
आंधी व बारिश की वजह से फसलों को नुकसान हुआ है. वहीं बूंदाबांदी से तापमान में गिरावट दर्ज हुई है. किसान डरे हुए हैं कि कहीं ओलावृष्टि ज्यादा हो गयी, तो उनकी पूरे साल की कमाई पर पानी फिर जायेगा. वहीं सरसों की पकी फलियों के जमीन पर गिरने से किसानों को नुकसान हो रहा है. इसके साथ-साथ देर रात आयी आंधी ने गेहूं व मकई की फसल को नुकसान पहुंचाया है. तेज हवाओं की वजह से ये फसलें खेतों में गिर गयी है. इस वजह से किसानों के चेहरे पर उदासी है. वहीं इस आंधी से आम के पैदावार को भी नुकसान हुआ है.
फसल हुई बरबाद, कैसे चुकायेंगे कर्ज
वहीं इस संबंध में रहीमपुर के किसान प्रदीप प्रसाद ने बताया उनकी गेहूं का फसल पूरी तरह नष्ट हो गयी. वहीं सोभनी के किसान श्रवण कुमार दिवाकर ने बताया कि गेहूं व मक्का की फसल ओला वृष्टि के कारण चौपट हो गयी. आम के बगीचे में मंजरों को काफी नुकसान पहुंचा है. गंगिया के किसान भोला साह ने बताया कर्ज लेकर गेहूं की खेती की थी, अब समझ में नहीं आता कर्ज कैसे चुकता करूंगा.
कीचड़मय हुई सड़क
रविवार की अहले सुबह मूसलाधार बारिश से जहां एक तरफ लोगों को गरमी से निजात मिली, वहीं दूसरी ओर शहर के विभिन्न मार्गों की सूरत बदसूरत हो गयी. शहर के स्टेशन रोड, थाना रोड , एमजी मार्ग, सारगमल चौक, राजेंद्र चौक , पूर्वी केबिन रोड, मील रोड, अस्पताल रोड, सन्हौली गोशाला रोड में मूसलधार बारिश के कारण सड़क झील में तब्दील हो गयी. वहीं सड़क व नाला जलजमाव के कारण एक समान दिखने लगा था. रविवार को पूरे दिन विभिन्न मार्गों में जलजमाव एवं कीचड़ के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी हुई. जबकि बलुवाही बाइपास के रास्ते होकर बड़े वाहन के चालकों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में खासी परेशानी का सामना करना पड़ा. ऐसी ही स्थिति जिले की अन्य ग्रामीण सड़कों की बनी हुई है.
शनिवार रात हुई ओलावृष्टि ने जहां तैयार गेहूं की फसल को भीषण नुकसान पहुंचा कर किसानों को एक बार फिर गमगीन कर दिया है. दर्जनों पंचायत में सैकड़ों एकड़ में लगी गेहूं की फसल व मक्के की फसल बरबाद होने से लाखों रुपयों की क्षति हो गयी. कई किसान ऐसे हैं, जिन्होंने कर्ज लेकर खेती की है उनके सामने विकट समस्या उत्पन हो गया है.
खगड़िया : शनिवार रात हुई ओलावृष्टि ने जहां तैयार गेहूं की फसल को भीषण नुकसान पहुंचा कर किसानों को एक बार फिर गमगीन कर दिया है. वहीं तेज आंधी पानी व ओलावृष्टि से आम, लीची तथा मक्का को भी भारी नुकसान पहुंचाया है. प्राकृतिक मार ने जिले के किसानों को काफी क्षति पहुंचायी है. ओलावृष्टि व तेज हवा के कारण मक्के की फसल पूरी तरह गिर गयी है. इससे किसानों को काफी आर्थिक क्षति पहुंची है. कई किसान ऐसे हैं,
जिन्होंने कर्ज लेकर खेती की है और फसल तैयार होने के बाद महाजन का कर्ज चुकता करते, लेकिन तूफान व ओलावृष्टि ने किसानों के सपने पर पानी फेर दिया. सैकड़ों एकड़ में लगी मक्के व गेहूं की फसल बरबाद होने से किसानों को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचा है. किसानों ने बताया कि दर्जनों पंचायत में सैकड़ों एकड़ गेहूं व मक्के की फसल बरबाद होने से लाखों रुपयों की क्षति हो गयी. किसानों ने बताया गेहूं की फसल खेतों में तैयार कर रहे थे, लेकिन अचानक आये तूफान व ओला वृष्टि ने फसल को काफी नुकसान पहंचाया.
