अलौली सहित प्रखंड के दूर-दराज में स्थित सरकारी अस्पतालों में मिलने वाली सरकारी दवा मरीजों को देने में आनाकानी के कारण एक्सपायर होकर बरबाद हो जाती है. वह तो इस बार भी पूरे खेल पर से परदा नहीं हटता, लेकिन प्रभात खबर को सारी हेराफेरी से जुड़े तथ्य समय रहते हाथ लग गये, अौर सारा भेद खुल गया. प्रभात खबर में खुलासा के बाद डीएम ने संज्ञान लेते हुए पूरे मामले में कड़ा रुख अख्तियार किया है.
खगड़िया : अलौली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एक्सपायरी दवा व सील प्रकरण स्वास्थ्य विभाग के लिए गले की हड्डी बन गयी है. डीएम के कड़े रुख के कारण कार्रवाई से बचने के लिये अब सरकारी दवा के स्टॉक व वितरण रजिस्टर में मिलान करने की कवायद तेज हो गयी है. पीएचसी में सरकारी रजिस्टर में सब कुछ ठीक-ठाक दिखाने के कवायद के तहत फर्जीवाड़ा का खेल जोरों पर है, ताकि आपूर्ति की गयी दवा का वितरण दिखा कर गोलमाल पर परदा डाला जा सके. सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार पीएचसी में दवा का काम देख रहे स्वास्थ्यकर्मी को यह हिदायत दी गयी है कि सरकारी कागज में कहीं कोई गड़बड़ी नजर नहीं आनी चाहिये.
दवा रजिस्टर को दुरुस्त करने में आयी तेजी : बताया जाता है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अलौली में दवा एक्सपायरी व सील के साथ छेड़छाड़ प्रकरण तूल पकड़ने के बाद प्रखंड के दूसरे स्वास्थ्य केंद्रों सहित सरकारी अस्पतालों में कोई गड़बड़ी न पकड़ी चली जाये. इसके लिए दवा की आपूर्ति व वितरण रजिस्टर में मिलान करने काम जोर शोर से किया जा रहा है. पीएचसी अलौली के अलावा दूसरे एपीएचसी व हेल्थ सेंटरों में भी सरकारी कागज में सब कुछ सही दिखाने के लिए फर्जीवाड़ा कर मिलान का काम युद्धस्तर पर जारी है. सूत्रों की मानें तो इसके लिए खासमखास स्वास्थ्यकर्मी को लगाया गया है, जिन्हें जल्द से जल्द रजिस्टर में सारा कुछ दुरुस्त कर रिपोर्ट करने का निर्देश पीएचसी प्रशासन मौखिक रूप से दिया गया है. हालांकि पीएचसी प्रभारी डॉ आरएन चौधरी ऐसे आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहते हैं कि कहीं कोई गड़बड़ी नहीं हुई है.
होमगार्ड पर भी दिया जा रहा दबाव : सील के साथ छेड़छाड़ प्रकरण पर डीएम के सख्त रुख को देखते हुए बीडीओ को बचने के लिये अब नये बहाने गढे जा रहे हैं. पीएचसी प्रशासन के दावे को मानें तो सील के बाद मौके पर होमगार्ड तैनात थे. जब प्रभात खबर टीम द्वारा सच्चाई की तहकीकात की गयी तो फिर एक बार चोरी पकड़ी गयी. पीएचसी में तैनात होमगार्ड ने बताया कि चिकित्सा प्रभारी द्वारा रात में ड्यूटी में रहने की झूठी बात लिख कर देने के लिए दबाव दिया जा रहा है.
होमगार्ड के अनुसार रविवार की रात सील के वक्त से लेकर सुबह सात बजे तक कोई होमगार्ड मौके पर तैनात नहीं था, तो झूठी बात लिख कर कैसे दिया जा सकता है. वह भी तब जब पूरे प्रकरण में दोषियों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है. उधर, पीएचसी में तैनात होमगार्डों ने ऐसी कोई भी झूठी बात लिख कर देने से इनकार कर दिया है.
