मजदूरों को रेलवे ने बनाया मजबूर

मजदूरों को रेलवे ने बनाया मजबूर महाजन के कर्ज लेकर लुधियाना के लिए गांव से निकले चार दर्जन मजदूरों की स्टेशन परिसर में कट रही रात सहरसा से अमृतसर जाने वाली जनसेवा एक्सप्रेस में भीड़ की वजह से नहीं चढ़ पाये थे सभी मजदूर ट्रेन छूटने के बाद टिकट लौटाने पहुंचे मजदूरों को काउंटर पर […]

मजदूरों को रेलवे ने बनाया मजबूर महाजन के कर्ज लेकर लुधियाना के लिए गांव से निकले चार दर्जन मजदूरों की स्टेशन परिसर में कट रही रात सहरसा से अमृतसर जाने वाली जनसेवा एक्सप्रेस में भीड़ की वजह से नहीं चढ़ पाये थे सभी मजदूर ट्रेन छूटने के बाद टिकट लौटाने पहुंचे मजदूरों को काउंटर पर तैनात रेलकर्मी ने दुत्कार कर भगाया मजदूरों के पास अब लुधियाना जाने के लिए नहीं बचे पैसे, रेलवे की लापरवाही से परेशान हैं मजदूर फोटो 6 व 7 मेंकैप्सन: टिकट दिखाते मजदूर व स्टेशन परिसर में समय गुजारते मजदूर.प्रतिनिधि, खगड़िया. रेलवे ने 46 मजदूरों को कहीं का नहीं छोड़ा है. इन मजदूरों की हालत न घर के रहे न घाट के वाली हो गयी है. महाजन से कर्ज लेकर परदेस कमाने के लिए निकले इन मजदूरों को दो दिनों से खुले आसमान के नीचे स्टेशन परिसर में समय गुजारना पड़ रहा है. बताया जाता है कि ट्रेन में अत्यधिक भीड़ होने की वजह से ये लोग जनसेवा एक्सप्रेस ट्रेन पर नहीं चढ़ पाये. ट्रेन छूटने के बाद टिकट लौटाने के लिए पहुंचे, तो काउंटर पर तैनात कर्मी ने टिकट लौटाने से इनकार कर दिया. इसके बाद इन मजदूरों की जेब में इतना पैसा भी नहीं बचा कि ये वापस घर जा पाते. महाजन से कर्ज लेकर टिकट का पैसा जुगाड़ कर परदेश पहुंचने का सपना लिये 46 मजदूर सहित इनके परिवार दो दिनों से स्टेशन पर रात गुजार रहे हैं. रेलवे जंकशन के बाहरी परिसर में दो दिनों से डेरा जमाये दर्जनों मजदूर अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए किसी मसीहा का इंतजार कर रहे हैं. उल्लेखनीय है कि दो दिन पहले अलौली थाना क्षेत्र के शहरबन्नी गांव के दर्जनों पुरुष, महिलाएं व बच्चे दो जून की रोटी के लिए लुधियाना जा रहे थे. वहां ईंट भट्टा पर सभी मजदूरी करते हैं. सोमवार को सभी मजदूर लुधियाना जाने के लिए रेलवे जंकशन पर सहरसा से अमृतसर जाने वाली जनसेवा एक्सप्रेस ट्रेन में चढ़ने वाले थे. अत्यधिक भीड़ व साथ में महिलाओं व बच्चों के होने की वजह से वे ट्रेन में नहीं चढ़ सके और टिकट भी वापस नहीं हुआ. तब से स्टेशन परिसर में जमे दर्जनों की संख्या में ये मजदूर समय काट रहे हैं. मजदूर शनिचर चौधरी, बबलू सदा, काली सदा, अनिता, बसंती, बंदो, शर्मिला, शोभा, चंदन सदा, गोपाल सदा, चंद्रेश्वरी सदा, राम प्रवेश सदा, अर्जुन सदा, त्रिवेणी सदा, राजो सदा ने कहा कि हमलोग किसी तरह टिकट के लिए पैसा जमा किये थे. जब ट्रेन छूट गयी, तो टिकट वापस नहीं होने के कारण हमलोगों के पास दोबारा टिकट लेने के लिए पैसा नहीं है. इस कारण हमलोग यहीं स्टेशन परिसर में रहने को विवश हैं. दो दिनों से हमलोग किसी तरह गुजारा कर रहे हैं. गंतव्य तक पहुंचने के आस में अभी भी लोग भगवान के भरोसे बैठे हैं.कहते हैं मुख्य वाणिज्य अधीक्षकजंकशन के मुख्य वाणिज्य अधीक्षक नीलरत्न अंबष्ट ने बताया कि जंकशन में दो स्टेशन मास्टर प्रतिनियुक्त रहते हैं. इसमें एक स्टेशन मास्टर रेलगाड़ी का परिचालन देखते हैं दूसरे रेल यात्रियों की कठिनाइयों का समाधान करते हैं. किसी रेलयात्री के साथ टिकट काउंटर पर टिकट वापसी करने में आनाकानी की गयी हो तो स्टेशन मास्टर को सूचना देनी चाहिए थी. रेल यात्रियों की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई की जाती.

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