कैंजरी के लोगों को नहीं मिल रही है मूलभूत सुविधाएं

बेलदौर : प्रखंड क्षेत्र के कैंजरी गांव आजादी के वर्षो बीत जाने के बावजूद भी विकास से कोसों दूर है. आज भी इस गांव में मूलभूत सुविधाओं का नामों निशान नहीं है. बात स्वास्थ्य, शुद्ध पेयजल, शिक्षा या फिर आवागमन की हो तो गांव में यह सभी मूलभूत सुविधाएं एक सपना बनी हुई हैं. गांव […]

बेलदौर : प्रखंड क्षेत्र के कैंजरी गांव आजादी के वर्षो बीत जाने के बावजूद भी विकास से कोसों दूर है. आज भी इस गांव में मूलभूत सुविधाओं का नामों निशान नहीं है. बात स्वास्थ्य, शुद्ध पेयजल, शिक्षा या फिर आवागमन की हो तो गांव में यह सभी मूलभूत सुविधाएं एक सपना बनी हुई हैं. गांव की सभी गलियों से गुजरती हुई पगडंडी कोसी नदी समीप बनी जमींदारी बांध से जुड़ती हैं. जो मुख्य पथ तक पहुंचने के लिए एक मात्र संपर्क पथ है.

सरकार व विभागीय अधिकारियों के अनदेखी के कारण बांध की जर्जर हालत बारिश में कीचड़ व सुखाड़ में धूल उड़ते रहते हैं. कैंजरी में आवागमन का मुख्य साधन पांव पैदल, बैलगाड़ी या नावों की सवारी लोगों की नियति बनी हुई है.

उपेक्षाओं का दंश झेल रहे कैंजरी पंचायत से लोगों को मुख्य पथ के माली चौक एवं उसराहा चौक तक पहुंचने के लिए जर्जर बांध ही एक सहारा है. गांव की लगभग दस हजार की आबादी कोसी नदी से घिरे टापू नुमा स्थल पर पारंपरिक तरिके से समस्याओ के बीच जिंदगी काट रही है. जहां शिक्षा के नाम पर विद्यालय की भवन महज इसकी खानापूर्ती ही कर रही है.

जबकि बिजली की रोशनी तो ग्रामीणों के लिए भविष्य के दिवा स्वप्न ही नजर आती है. मुखिया जगदीश पंडित ने बताया कि पंचायत की विषम भौगोलिक स्थिति पंचायत को कई भागो मे विभक्त करती है . सरकारी स्तर पर मूलभूत सुविधाओं के लिए कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है. बावजूद पंचायत योजना की सीमित संसाधनो से आवागमन सुविधा के लिए पथ का निर्माण व पगडंडी का जीर्णोद्धार किया जा रहा है. वहीं ग्रामीण सुभलेश कुमार, मधूसुदन यादव, सत्यनारायण यादव ,कीकर यादव समेत दर्जनों लोगों ने बताया कि सरकार व जनप्रतिनिधि के उपेक्षा के कारण गांव में अब तक आवागमन, उप स्वास्थ्य केन्द्र व उच्च शिक्षण संस्थान की व्यवस्था संभव नहीं हो पायी है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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